सियासी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ की अहम कैबिनट बैठक सम्पन्न हो गई हैं। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मध्य प्रदेश में 3 नए जिले के गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत मैहर, चाचैड़ा और नागदा तहसील को जिला बनाने को मंजूरी मिल गई हैं।
मैहर, नागदा और चाचैड़ा को जिला बनाने के पीछे कमलनाथ का बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में अब 55 जिले हो गए। कमलनाथ कैबिनेट की 3 दिन में यह दूसरी बार कैबिनेट बैठक थी। इससे पहले रविवार को कैबिनेट की बैठक में संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां और कर्मचारियों के डीए बढ़ाए जाने को लेकर फैसला लिया गया था। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस ब्रेफिंग में दी। उन्होंने बताया कि एक फीसदी स्टांप शुल्क से छूट देने के मामले के डिफर कर दिया गया। इसमें खुद स्टांप खरीदते और रजिस्ट्री कराने पर छूट देने का प्रस्ताव था।वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। पहले चरण में जबलपुर के कोर्ट में कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा- मुख्यमंत्री पेयजल योजना, सरदार सरोवर परियोजना समेत अन्य मुद्दों पर भी जरूरी फैसले लिए गए। कर्मचारियों की मांगों के लिए मंत्रियों की कमेटी को अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। मालूम हो कि बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने मैहर को जिला बनाने की मुख्यमंत्री से मांग की थी। कई बार इसको लेकर त्रिपाठी मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने सीएम हाउस भी पहुंचे थे। और बीते कई दिनों से वे लगातार उनके संपर्क में रहे । माना जा रहा है भाजपा के विधायक को साधने के लिए कमलनाथ सरकार ने ये दांव खेला है। वही कांग्रेस के विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विधायक भाई लक्ष्मण सिंह ने चाचैड़ा को जिला बनाने की मांग की थी। इसके लिए वे कई दिनों से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे थे।
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