इंदौर एसटीएफ ने फर्जी तरिके से एडवाइजेरी कम्पनी चला रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़ाए गए पांचो आरोपियों की एजुकेशन की जब एसटीएफ ने जांच की तो पांचो की शैक्षणिक योग्यता सेबी के मापदंडो के अनुसार नहीं निकली।
दरअसल इंदौर एसटीएफ को बीएसएफ के जवान राकेश यादव ने शिकायत की थी की ट्रेड मनी कम्पनी ने डेढ़ लाख का इन्वेस्ट करके 35 लाख रुपये कमाने का लालच दिया गया था। इंदौर एसटीएफ ने मामला दर्ज कर पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पांचो आरोपियों से दस्तावेज सहित मोबाईल फोन जब्त किए है। दरअसल इंदौर सेबी द्वारा शहर में चल रही सेबी से अनरजिस्टर कम्पनियो पर कार्रवाई करने को लेकर इंदौर सेबी ऑफिस के पत्र के माध्यम से निवेदन किया गया था। वही इंदौर के बीएसएफ जवान राकेश यादव की शिकायत पर ट्रेड मनी कम्पनी ने जवान को लालच देकर डेढ़ लाख रूपये की ठगी की है।
इंदौर एसटीएफ ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियो की तलाश शुरू की थी। जांच में पता चला था की पांचो आरोपी द्वारा पहले भी प्रॉफिट वेस रिसर्च नाम की कम्पनी फर्जी तरिके से चलाई जाती थी और काफी दिनों से आरोपी फरार चल रहे है। एसटीएफ टीम लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी कमलेश, वीरेंद्र ठाकुर, भरत राठौर, पकंज शर्मा, दीपक मालवीय अलग अलग कम्पनीयो के नामो से ठिकाने बदल कर गिरोह चला रहे है। एसटीएफ को सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम ने पांचो आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। फिलहाल पांचो आरोपियों से एसटीएफ द्वारा पूछताछ कर रही है।









