भारत में एनआरसी और सीएए को लेकर कई राज्यों सहित शहरों में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसके कई दिनों बाद भी समर्थन के पक्ष में कई पार्टी और नेता भी आए। इसी को लेकर इंदौर में भी प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री देर रात प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। इंदौर में सीएए और एनआरसी के विरोध में जारी प्रदर्शन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह देर देर रात प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने मंच से दिल्ली में बैठे केंद्र के नेताओं तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। दिग्विजय सिंह इंदौर के शाहिनबाग मतलब बड़वाली चैकी पहुंचे। यहां उन्होंने 1 माह से ज्यादा समय से जारी धरना आंदोलन में शिरकत की। आधी रात 12 बजे पहुंचे दिग्विजयसिंह को सुनने बड़ी संख्या में लोग आंदोलन स्थल पर मौजूद रहे। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि जब इस देश में 1947 से लेकर अब तक एक करोड़ लोगों को नागरिकता दी गई तो फिर इस कानून की क्या जरूरत है। एक करोड़ लोगों में 85 लाख नागरिकता पाने वाले हिंदू ही थे। जब सभी को नागरिकता मिल रही थी तो धर्म विशेष को नागरिकता कानून से अलग करने के लिए नया सीएए एक्ट बनाकर संविधान पर प्रहार किया गया, जिसका कांग्रेस ने भी विरोध किया है। ये आंदोलन किसी पार्टी का नहीं बल्कि देश का आंदोलन है, जिसमें मैं शामिल होने आया हूं। उन्होंने कहा कि नए एनपीआर में पिता जी कहां पैदा हुए माताजी कहां पैदा हुई यह पूछने की क्या जरूरत है। मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा सरकार को वापस हटना पड़ेगा यह देश कभी भी सीएए, एनपीआर और एनआरसी को स्वीकार नहीं कर सकता।
आईटी कॉन्क्लेव-2025 में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट करेंगी शिरकत:जीआईएस-2025 की घोषणाओं को निवेश में बदलने की पहल, 27 अप्रैल को होगा आयोजन
इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









