इंदौर वैसे तो खाने पीने के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले 3 सालों से देश में सफाई के लिए नंबर वन आने के बाद अब जल्द ही सड़कों पर घूमने वाले भिक्षुक से भी मुक्त होगा। इंदौर कलेक्टर लोकेश जाटव ने निगमायुक्त को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त भी कर दिया है।
इंदौर अब एक और पहल शुरू करने की तैयारी में है, जल्द ही इंदौर को अब भिखारी मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार ने इंदौर को देश के शीर्ष दस बड़े शहरों में से चुना है। इंदौर जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान पर काम करना शुरु भी कर दिया है, जिसके लिए इंदौर निगम आयुक्त को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। रही बात भिक्षुक मुक्त इंदौर की तो इसके पहले इस अभियान में भिक्षा मांगने वालों को आजीविका के संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसके लिए विभिन्न व्यक्तिगत संस्थाओं की मदद ली जाएगी। जिससे प्रत्येक भिक्षुक को अपनी दक्षता अनुसार कार्य भी मिल सकेंगे। भारत सरकार की इस नई पहल से कहीं ना कहीं उन लोगों के लिए अच्छी साबित होगी जो सड़कों पर भीख मांग कर वही सो जाते थे।
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इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









