हाल ही में हुई मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में पूछा गया प्रश्न भील जनजाति समाज को अपमानित करने का कृत्य है। प्रश्न पत्र में एक गद्यांश में पूछा गया सवाल जिस का भावार्थ है कि, भील समाज शराबी और अपराधी प्रवृत्ति का होता है। इसी को लेकर संभागायुक्त कार्यालय पर बीजेपी नेताओं ने माननीय राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा में आदिवासी से संबंधित आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के कारण बीजेपी के नगर कार्यकारी अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा के नेतृत्व में संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उनका आरोप है कि, आदिवासियों ने देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। साथ ही उन्होंने राम राज्य के समय से रह रहे आदिवासियों ने अंग्रेजों तक का सामना किया है, देश को बचाने के लिए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए। उनका मानना है कि इस घटना के बाद समस्त आदिवासियों को लोग अलग नजर से देखेंगे। जिससे उनको अपने लिये मन में हीन भावना आएगी।
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इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









