राजधानी के यादगार ऐ शाहजानी पार्क में अतिथि विद्वानों का धरना कड़ाके की सर्दी के बीच 23 वें दिन भी जारी है। अतिथि विद्वानों ने मंगलवार की शाम और बुधवार को कफन ओढ़कर विरोध जताया।
अतिथि विद्वानों का कहना है कि जब तक नियमितिकरण नहीं हो जाता, हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके पहले दिन में अतिथि विद्वानों ने फैसला लिया था कि मंगलवार की रात कफन ओढ़ कर नए साल का जश्न मनाएंगे। अतिथि विद्वान संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता डॉ आशीष पांडे ने कहा कि जब तक सरकार नियमितीकरण नहीं कर देती या फिर हमें बाहर नहीं कर देती। तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। हमने विरोध जाहिर करने के लिए कफन ओढ़कर नए साल का जश्न मनाने का फैसला किया है। अतिथि विद्वानों का आरोप है कि उन्हें पिछले महीनों का मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। पीएससी से चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति देकर अतिथि विद्वानों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद खाली पदों पर दोबारा से कार्य सौंपने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे भी लाभ नहीं होगा। इसलिए सीएम से मांग है कि वे जल्द ही संज्ञान लें और उनका नियमितीकरण करें।
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