सोयाबीन का गढ़ माने जाने वाले मालवा में सोयाबीन की फसल खराब होने के कारण इसका असर सोयाबीन खाद्य तेल पर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते तेल में वृद्धि देखी जा रही है।
बारिश के चलते सोयाबीन की फसल अनुमान से कमजोर रहने के कारण सोयाबीन खाद्य तेल में वृद्धि देखी जा रही है। आवक लगातार घटने की वजह से वायदा बाजार में वृद्धि की स्थिति बनी हुई है। सोयाबीन तेल के भाव में लगभग डेड़ सो रुपए तक की वृद्धि देखी जा रही है। जिसके चलते आम आदमी को सीधा प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में सोयाबीन तेल सो रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वही लीटर में सोयाबीन तेल 94 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वही मूंगफली तेल 125 रूपये किलो बिक रहा है।
खाद्य तेलों का पिछले डेढ़ माह में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है, साथ ही तेल बाजार के सट्टा ने भी तेलों की कीमतों में आग लगा रखी है। इंडोनेशिया मलेशिया से जो पाम आयल आता था। वहां भी इसके भाव बढ़े हुए हैं। साथ ही अर्जेंटीना ब्राजील से सोयाबीन का आयात होता है। वहां भी भाव बढ़े हुए हैं। जिसके चलते हिंदुस्तान में खाद्य तेल महंगा हो गया है। खाद्य तेल व्यापारियों का मानना है कि आने वाले समय में भाव कम नहीं होंगे क्योंकि हिंदुस्तान कुल खपत का 40 फीसदी तेल बनाता है। और 60 फीसदी आयात करता है। यदि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी कम नहीं करती है तो भाव में तेजी बनी रहेगी।
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