महाराष्ट्र की महाभारत : अजित को झटका, शरद पवार के खेमे में लौटे नौ साथी विधायक

भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने अजित पवार को तगड़ा झटका लगा है। उनके करीबी नौ विधायक फिर से एनसीपी प्रमुख शरद पवार के खेमे में लौट आए हैं। शरद की अध्यक्षता में शनिवार देर शाम हुई बैठक में 54 में से 49 विधायकों के शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में अजित के साथ मात्र चार विधायक ही बचते हैं। ऐसे में उन पर दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराने की तलवार लटकने लगी है। शरद पवार की बैठक में शामिल होने पहुंचे नौ विधायक सुबह राजभवन में देवेंद्र फडणवीस-अजित पवार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। उदगीर से विधायक संजय बनसोडे भी वाईबी चव्हाण सेंटर में हुई बैठक में पहुंचे। वह बैठक स्थल पर नाटकीय तरीके से पहुंचे। एनसीपी नेता शशिकांत शिंदे और शिवसेना सांसद एकनाथ शिंदे और मिलिंद नारवेकर उन्हें लेकर पहुंचे। बनसोडे ने कहा कि वह कहीं नहीं गए थे, वह पवार साहेब के साथ ही हैं।

अजित के साथ सुबह राजभवन गए दो विधायकों दिलीप बनकर और माणिकराव कोकाटे ने बाद में ट्वीट कर कहा कि उन्हें अंधेरे में रखकर शपथ ग्रहण समारोह में ले जाया गया। हम एनसीपी और पवार साहेब के साथ हैं।

इससे पहले बुलधाना सीट से विधायक राजेंद्र शिंगणे, बीड के संदीप श्रीरसागर, मावल के सुनील शेल्के, विक्रमगाड के सुनील भुसारा, डिंडोरी के नरहरि जिरवाल और वाडगांव-शेरी के सुनील टिंगरे भी शरद पवार खेमे में लौट आए। ये लोग भी अजित के साथ थे। सिननार से विधायक कोकाटे ने ट्वीट किया कि वह पार्टी के साथ हैं। वह अजित के कहने पर राजभवन गए थे क्योंकि वह विधायक दल के नेता हैं। उन्हें नहीं पता था कि वहां क्या होने वाला है।

धनंजय मुंडे भी शामिल हुए वरिष्ठ पार्टी नेता और परली से विधायक धनंजय मुंडे भी शरद की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुए। कहा जा रहा है कि अजित की भाजपा से दोस्ती कराने में उनकी अहम भूमिका थी। वह फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुकी पंकजा मुंडे के चचेरे भाई हैं।

शरद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पहुंचे थे तीन बागी विधायक

इससे पहले दोपहर में शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी तीन बागी विधायक मौजूद थे। इनमें से शिंगणे ने बताया कि वह जब राजभवन पहुंचे तो वहां आठ से 10 विधायक पहले से मौजूद थे। हमसे किसी को भी नहीं पता था कि हमें यहां क्यों लाया गया है। शपथ ग्रहण के बाद हम पवार साहेब से मिलने पहुंचे। अजित के बुलाने की वजह से यह गलतफहमी में सबकुछ हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में ही गिर जाएगी भाजपा सरकार : मलिक

बैठक के बाद एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि शरद पवार की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया गया कि अजित पवार ने जो निर्णय लिया है, वह ठीक नहीं है। अभी पांच विधायक हमारे संपर्क में नहीं हैं। उनसे संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार विधानसभा में अध्यक्ष के चुनाव के दिन ही गिर जाएगी। हमें विश्वास है कि राज्य में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की ही सरकार बनेगी।

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