पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अनंत यात्रा शुरू हो गई है। मनमोहन सिंह का की पार्थिव देह पीएम आवास से कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गई है। तिरंगे में लिपटा मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कांग्रेस कार्यालय में रखा रखा गया है।सोनिया गांधी समेत राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनका अंतिम दर्शन कर उन्हें अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं।सबसे पहले सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सबसे पहले श्रंद्धांजलि दी। साथ ही चरखे वाला कांग्रेस का झंडा भी तिरंगे झंडे के बगल में रखा गया है। सोनिया और खरगे के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अजय माकन, कर्नाटक के सीएम डीके शिवा कुमार ने उनको श्रंद्धांजलि दी।
गृह मंत्रालय की तरफ से नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर 11.45 बजे अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है। उनकी अंतिम यात्रा सुबह 9:30 बजे दिल्ली स्थित AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) मुख्यालय से निगमबोध घाट के लिए रवाना होगी।
चंदन की लकड़ी का उपयोग
नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार पर आचार्य योगेश कुमार ने कहा, “अंतिम संस्कार चंदन की लकड़ी का उपयोग करके किया जाएगा। अंतिम संस्कार सुबह 11:35 बजे वीआईपी घाट पर सरदार रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाएगा। सभी के आने पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
निगमबोध घाट पर अंत्येष्टि को लेकर कांग्रेस नाराज
वहीं निगमबोध घाट पर मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। केसी वेणुगोपाल ने कहा- सरकार पूर्व पीएम का स्मारक बनाने के लिए जमीन तक नहीं तलाश पाई। ये देश के पहले सिख पीएम का अपमान है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने देर रात बताया कि सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में स्मारक बनाने का फैसला लिया है। इसके बारे में कांग्रेस को सूचित कर दिया गया है, लेकिन सही जगह तय करने में कुछ दिन लग सकते हैं।









