फंस गए अखिलेश यादव? बात नहीं बनी तो उपचुनाव में 10 सीटों पर कैंडिडेट उतारेगी कांग्रेस! ‘प्लान B’ है तैयार, समझिए पूरा सियासी गणित

लखनऊ. कहते है न सियासत में कोई किसी का स्थाई दोस्त और दुश्मन नहीं होता. बस वही कहावत यहां भी चरितार्थ हो रही है. दरअसल, यूपी में 10 सीटों पर उपचुनाव होना है. कांग्रेस-सपा और अन्य दलों ने शह मात के खेल में अपने प्यादे बिछाने शुरू कर दिए हैं. लोकसभा चुनाव की तरह कांग्रेस-सपा एक साथ चुनाव लड़ते नजर आएंगे. वहीं अगर बात नहीं बनी तो कांग्रेस ने उसकी काट भी तलाश ली है. कांग्रेस उस कंडिशन में भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी है. ऐसे में अगर कांग्रेस अलग चुनाव लड़ी तो अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती है.

बता दें कि कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. जिसमें मिर्जापुर की मझवां, प्रयागराज की फूलपुर और गाजियाबाद की सदर सीट शामिल है. अगर कांग्रेस को सपा ये तीनों सीट नहीं देती है तो कांग्रेस 10 की 10 सीट पर चुनाव लड़ेगी. उसके लिए कांग्रेस ने 10 विधानसभा सीटों पर प्रभारी और पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर दिया.

किसको किस सीट की जिम्मेदारी

पूर्व राज्यसभा सांसद पीएल पुनिया को अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया है. देवरिया से लोकसभा के उम्मीदवार रहे अखिलेश प्रसाद सिंह को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

मिर्जापुर जिले की मझवां विधानसभा सीट का प्रदेश अध्यक्ष अजय राय प्रभारी होंगे. बासगांव से उम्मीदवार रहे सदल प्रसाद को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

कानपुर की सीसामऊ सीट का प्रभार का कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव निलांशु चतुर्वेदी को प्रभारी बनाया गया है. अमेठी से सांसद किशोरी लाल शर्मा को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

प्रयागराज जिले की फूलपुर विधानसभा सीट का राजेश तिवारी को प्रभारी बनाया गया है. प्रयागराज से सांसद उज्जवल रमण सिंह को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

अंबेडकरनगर जिले की कटेहरी विधानसभा सीट का सत्य नारायण पटेल को प्रभारी बनाया गया है. कटेहरी कुर्मी बाहुल्य सीट है. केशव चंद्र यादव को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर मुरादाबाद के अधीन कुंदरकी विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया है. सीतापुर के सांसद राकेश राठौड़ को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

मैनपुरी जिले करहल विधानसभा सीट का तौकीर आलम को प्रभारी बनाया गया है. रामनाथ सिकरवार को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

गाजियाबाद सदर विधानसभा सीट का विधानसभा में नेता अराधना मिश्रा मोना को प्रभारी बनाया गया है. बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट का नसीमुद्दीन सिद्दकी को प्रभारी बनाया गया हैं. राज कुमार रावत को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

मुजफ्फरपुर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट का विधायक वीरेंद्र चौधरी को प्रभारी बनाया गया है. सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को पर्यवेक्षक बनाया गया है.

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