लोकसभा चुनाव-2024 में PoK (Pakistan Occupied Kashmir) का मुद्दा इस पर छाया हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह से लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) पर बयान दे रहे हैं। दोनों ने इशारों में PoK को भारत में शामिल करने को लेकर कई बार कह चुके हैं। इसमें अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी जुड़ गए हैं। सीएम योगी ने बाकायदा तारीख का भी ऐलान कर दिया है। सीएम योगी ने PoK को लेकर जो बयान दिया है, उसके बाद पाकिस्तान में भी खलबली मच गई है। इस लोकसभा चुनाव में पीकिस्तान अधिकृत कश्मीर का मुद्दा खूब छाया हुआ है। सीएम योगी से लेकर अमित शाह औऱ राजनाथ सिंह तक पीओके के जल्द भारत में शामिल होने की बाद कह चुके हैं। अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तो PoK की भारत में वापसी की तारीख की भी घोषणा कर दी है।शनिवार को महाराष्ट्र के पालघर की चुनावी रैली में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीओके की वापसी की तारीख मुकर्रर कर दी।ये पहली बार हुआ है जब सत्तधारी दल के किसी बड़े नेता ने पीओके को लेकर 6 महीने का वक्त तय किया है।योगी आदित्यनाथ के इस बयान से पहले और इस बयान के बाद भी देश के गृह मंत्री अमित शाह लगातार अपनी चुनावी रैलियों में पीओके का जिक्र कर रहे हैं और ये बताने से नहीं चूक रहे कि पीओके भारत का हिस्सा था और है और हम इसे लेकर रहेंगे।
अमित शाह की रैलियों में छाया हुआ है पीओके का मुद्दा
अमित शाह ने 17 मई को रायबरेली में जनसभा की। इसके बाद वे 18 मई को ललितपुर पहुंचे और 19 मई को बेतिया। इन तीनों रैलियों में गृह मंत्री अमित शाह ने मंच से पीओके का मुद्दा उठाया। शाह ने कहा, पीओके की वापसी हर हिंदुस्तानी का सपना है। बगैर पीओके के जम्मू कश्मीर अधूरा है और पिछले दिनों देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी रैली में कहा था कि वो दिन दूर नहीं जब खुद पीओके के लोग भारत में वापसी की बात कहेंगे।
यूं ही नहीं किया जा रहा ये दावा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पिछले दिनों एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पीओके भारत का हिस्सा है और इसे हम लेकर रहेंगे। एंकर द्वारा जंग द्वारा लेने के सवाल पर राजनाथ ने कहा था कि हमें यह करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीओके के लोग खुद एक दिन भारत में आएंगे। दरअसल, पीओके इन दिनों असंतोष की आग में झुलस रहा है. अलग अलग कारणों से पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर उबल रहा है। वहां के लोग नाराज हैं। विद्रोह पर उतर चुके हैं। पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ उठे विद्रोह की आवाज को दबाने के लिए वहां की फौज और पुलिस अत्याचार पर उतर आई है। जनता पर फायरिंग तक की जा रही है। पाकिस्तान में महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि लोग त्रस्त हैं।









