कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा पांच अक्टूबर को मोहनखेड़ा में आम सभा लेगी। उससे पहले उनके भाई राहुल गांधी कालीपिपल विधानसभा क्षेत्र में सभा ले चुके है। दोनो विधानसभा मालवा निमाड़ क्षेत्र में आती है। कांग्रेस को पिछले चुनाव में मालवा निमाड़ से ज्यादा सीटें मिली थीं और वह इसे अपना गढ़ मानकर चल रही है और जातिगत समीकरणों के आधार पर वोटरों को साधा जा रहा है। राहुल ने जिस क्षेत्र में सभा ली, वह खाती बाहुल्य क्षेत्र में आता है और परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में अस्तित्व में आई ।
शुजालपुर जिले की इस की इस सीट के 188 गांवों में से ज्यादातर खाती समाज के लोग रहते है। कुणाल चौधरी भी इस समाज से आते है और फिर उनका दावा इस सीट से टिकट के लिए मजबूत माना जा रहा है।
भाजपा से जीतू जिराती इस सीट पर दावेदारी कर रहे है। राहुल गांधी ने यहां से सभा की शुरूआत कर खाती समाज के वोटबैंक को साधने की कोशिश की। प्रियंका गांधी की प्रदेश में पहली सभा सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र में आती है।
धार जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में छह सीटें कांग्रेस के पास थी और एक भाजपा के कब्जे में आई थी। राजवर्धन सिंह के भाजपा में जाने के बाद हुए उपचुनाव में बदनावर सीट भी भाजपा के हिस्से में आ गई।
इस जिले की चार सीटों पर आदिवासी वोटबैंक निर्णायक भूमिका में रहते है और प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी पहली सभा के माध्यम से आदिवासी वोटबैंक को साधने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी। प्रियंका की मध्य प्रदेश में 30 से ज्यादा चुनावी सभाएं होगी।









