केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार की देर शाम रायपुर पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ बीजेपी के चुनाव प्रभारी मनसुख मंडाविया भी राजधानी रायपुर पहुंचे। शाह प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर डूमरतराई में प्रदेश के बीजेपी नेताओं की हाई लेवल बैठक ली । इसमें प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, बीजेपी महामंत्री ओपी चौधरी, केदार गुप्ता मौजूद हैं। जारी शेड्यूल के मुताबिक, शाह को 7:50 पर वायुसेना के विमान से रायपुर पहुंचना था, लेकिन वो लेट से पहुंचे।बैठक में अन्य नेताओं को शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। बैठक देर रात तक चली। चर्चा है कि प्रदेश के सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। वहीं कई ऐसी लोकल पार्टी जो पिछले 7 सालों में प्रदेश में अपनी अच्छी खासी जड़े जमाई हैं। उन्हें भी साथ लेने पर मंथन किया जा सकता है। इनमें बस्तर और सरगुजा संभाग में कई स्थानीय पार्टी हैं, जो वहां पर अच्छी खासी पकड़ रखती हैं।

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को नहीं मिली एंट्री
दूसरी ओर खबर है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को बीजेपी कार्यालय परिसर में एंट्री नहीं दी गई। उनको कार्यालय के अंदर घुसने तक नहीं दिया गया। उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया, इस वजह से वो वापस खाली हाथ लौट गए। बताया जाता है कि पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर बैठक में शामिल होने रायपुर आए थे, लेकिन उनको बीजेपी मुख्यालय के बाहर ही गेट पर रोक दिया गया। पूर्व गृहमंत्री कंवर को बीजेपी कार्यालय में एंट्री नहीं मिलने पर प्रदेश के सियासी गलियारे में तरह-तरह की बातें हो रही हैं। वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है कि कंवर वापस जाते दिख रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस नेता बीजेपी पर तंज कस रहे हैं।

एयरपोर्ट पर सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष साव ने ही किया स्वागत
खबर है कि रायपुर आते ही अमित शाह ने एयरपोर्ट पर ज्यादा नेताओं से मिलने जुलने पर रोक लगा दी। कहा गया कि सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष ही स्वागत करने आएं। इसके बाद अरुण साव एयरपोर्ट पर पहुंचे और शाह का स्वागत किया। शाह जिस गाड़ी से कार्यालय पहुंचे, उसी गाड़ी में पिछली सीट पर साव भी बैठे नजर आए। बीजेपी कार्यालय पहुंचने पर पूर्व सीएम रमन सिंह ने उनका स्वागत किया।

चुनावी घोषणा पत्र हो सकती है चर्चा
शाह चुनावी घोषणा पत्र को लेकर बातचीत कर सकते हैं। घोषणा पत्र किसान, युवा और महिलाओं पर केंद्रित हो सकता है। वहीं आंदोलनों पर भी चर्चा हो सकती है। क्योंकि भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय कांग्रेस विधायकों के खिलाफ आंदोलन कर रही है। अभी हाल ही में रायपुर में विधायक कुलदीप जुनेजा के निवास का घेराव किया था। इसे लेकर शाह चर्चा कर सकते हैं। भाजपा इस आंदोलन के माध्यम से जनता के बीच माहौल बनाने में लगी है ताकि चुनाव में उसे फायदा मिल सके।
कमजोर वाली सीटों का होगा आकलन
चुनाव में बीजेपी की नैया पार करने के लिए शाह ने प्रदेश के नेताओं को होमवर्क दिया है। सूत्रों के अनुसार, रायपुर दौरे से रवाना होने से पहले शाह ने प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर और सह प्रभारी नितिन नबीन को एक प्रारूप पर काम करने के लिए कहा है। इसके आधार पर हर विधानसभा की जानकारी जुटानी है। इसके बाद शाह दोबारा चर्चा करेंगे। पार्टी नेताओं को विधानसभावार रिपोर्ट तैयार रखने के लिए कहा गया है। इसमें यह देखा जाएगा कि बीजेपी किस विधानसभा में मजबूत है और किसमें कमजोर स्थिति में है। इसका आकलन किया जाएगा। वहीं जिन सीटों पर बीजेपी कमजोर है, उसकी वजह भी बताने के लिए कहा गया है।









