हनी ट्रैप मामले की आरोपी आरती दयाल के द्वारा रजिस्टर्ड कराई गई संस्थाओं में छतरपुर के लाेग भी व्यवसायिक पार्टनर हैं। इनमें कुछ लोग राजनीति और सामाजिक संस्थाओं में काम करने वाले चर्चित नाम भी शामिल हैं। आरती के पिता विंद्रावन अहिरवार मूल रूप से खरेला जिला उप्र के रहने वाले हैं। आरती की स्कूल की पढ़ाई नौगांव से हुई है।
आरती के पास से अपनी पहचान पत्र को लेकर कई फर्जी दस्तावेज पाए गए हैं। स्कूल में पढ़ाई से लेकर 2012 में अनिल वर्मा से शादी तक यह अपना नाम आरती अहिरवार लिखती रही है। 2014 में अनिल के खिलाफ छतरपुर न्यायालय में चले प्रकरण के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों में उसका नाम आरती अहिरवार ही था। अनिल वर्मा को छोड़ने के बाद आरती कटनी में पंकज दयाल के साथ लिव इन रिलेशन में रही।इसी दौरान इसने आधार कार्ड में अपना नाम आरती दयाल दर्ज करा लिया। पुलिस द्वारा जब्त की गई कार के दस्तावेजों में भी नाम आरती दयाल लिखा हुआ है। इसके अलावा इसके कुछ फर्जी परिचय पत्र भी जब्त हुए हैं। इनमें आरती सिंह और ज्योत्सना सिंह नाम के फर्जी परिचय पत्र बरामद हुए हैं।हनी ट्रेप मामले में पुलिस आरोपियों के व्यापार की जांच कर रही है। पुलिस काे कई व्यवसायिक दस्तावेज मिले हैं।इसमें कुछ फर्म/कंपनियां अाैर एनजीओ आरती दयाल की भी हैं। यह संस्थाएं भोपाल और इंदौर में पंजीकृत कराई थीं।









