उज्जैन के भैरवगढ़ जेल में हुए जीपीएफ घोटाले में आरोपियों से की जा रही पूछताछ के साथ ही एसआईटी ने न्यायालय के निर्देश पर आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। इसमें पूर्व जेल अधीक्षक ऊषा राज के लॉकर से करोड़ों रुपये के जेवरात मिलने के साथ ही मुख्य आरोपी रिपुदमन सिंह की भी 24 लाख रुपये की संपत्ति और वाहनों की जानकारी लगी है। साथ ही एसआईटी ने अन्य आरोपियों से भी चल-अचल संपत्ति और नकदी की बरामदगी की है।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और एसआईटी हेड इंद्रजीत बाकलवार ने बताया, थाना भैरवगढ़ में 11 मार्च 2023 को जिला कोषालय उज्जैन के सहायक जिला कोषालय अधिकारी द्वारा एक आवेदन पत्र और दस्तावेज प्रस्तुत कर शिकायत की गई थी। इसके आधार पर भैरवगढ़ जेल एकाउंट शाखा के प्रभारी रिपुदमन सिंह रघुवंशी के खिलाफ अपराध क्रमांक 95/2023 धारा-420 भादवि का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच दल गठित किया गया, जिसके द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विवेचना के दौरान कोषालय उज्जैन और भैरवगढ़ जेल से प्राप्त कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर मामले में आए साक्ष्य के आधार पर धारा-409, 467, 468, 471, 34 और 120 बी भादवि को बढ़ाया गया।
कूटरचित दस्तावेज तैयार किए.
विवेचना में आए तथ्यों के आधार पर पाया गया कि जेल प्रहरी रिपुदमन द्वारा कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज द्वारा इनका सत्यापन किया गया। विवेचना के दौरान रिपुदमन के अतिरिक्त शैलेन्द्र सिकरवार, हरीश गेहलोत, रिंकु मानरे, रोहित चौरसिया, शुभम भमौरी, जगदीश परमार, धर्मेन्द्र परमार और जेल अधीक्षक उषा राज को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इनसे लगातार पूछताछ की गई, जिससे प्राप्त तथ्य के अनुसार भैरवगढ़ जेल के 67 कर्मचारियों के डीपीएफ/जीपीएफ/वेतन/ एडवांस/एमपीटीसी के मदों से करीब 15 करोड़ रुपये की राशि ट्रेजरी उज्जैन से अवैध रूप से आहरित कर प्राप्त की गई। साथ ही अलग-अलग आरोपियों ने इसका उपयोग किया था। इस मामले में जेल अधीक्षक उषा राज, रिपुदमन और जगदीश परमार की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी गई। रिपुदमन द्वारा निकाला गया पैसा ऑनलाइन सटोरियों पर खर्च किया गया, जिसके कारण कई संदिग्ध लोग घर परिवार छोड़कर भाग गए, जिनकी तलाश जारी है। मामले में कुल जप्त नगद, जेवर और चल-अचल संपत्ति की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये की बरामदगी की जा चुकी है। जबकि मामले में लगातार विवेचना की जा रही है।
आरोपियों से यह संपत्ति हुई जप्त.
- उषा राज पति सतीश राज उम्र 60 साल निवासी जेल अधीक्षक केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ उज्जैन से तीन किलो 718 ग्राम के सोने के केडबरी और तीन किलो 144 ग्राम चांदी के बर्तन। साथ ही जेवर कीमती 2.25 करोड़ रुपये, चार प्लॉटों की रजिस्ट्री और भोपाल में फ्लैट की बुकिंग के 24 लाख रुपये नगद भुगतान की रसीदें।
- रिपुदमन सिंह पिता दिनेश रघुवंशी उम्र 29 साल निवासी केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ जिला उज्जैन से एक प्लॉट की रजिस्ट्री कीमत आठ लाख रुपये। एक कार टाटा टियागो कीमती सात लाख रुपये, एक एक्टिवा स्कूटर कीमत एक लाख रुपये और ज्वेलरी कीमत करीब आठ लाख रुपये।
- जगदीश पिता हीरालाल परमार उम्र 44 साल निवासी 15 अरिहंतधाम कालोनी थाना माधवनगर उज्जैन से एक लाख 25 हजार रुपये।
- हरीश गेहलोत पिता राधेश्याम गेहलोत उम्र 37 साल निवासी 4/1 द्रविण मार्ग कुशलपुरा थाना कोतवाली उज्जैन से दो लाख रुपये।
- रोहित पिता अनिल चौरसिया उम्र 31 साल निवासी 23 कर्मचारी कालोनी थाना सीटी कोतवाली देवास से दस हजार रुपये।
- रिंकु सिहं मानरे पिता गजराज सिहं मानरे उम्र 25 साल निवासी गली नंबर 01 मकान नंबर 03 वीरसावरकर प्याव उज्जैन से एक हजार रुपये।
- धर्मेन्द्र उर्फ रामजाने पिता कैलाश परमार उम्र 35 साल निवासी 112 अंबेडकर नगर थाना सिटी कोतवाली देवास से एक हजार रुपये।
- शुभम पिता सुभाष भमौरी जाति मोची उम्र 27 साल निवासी गली नंबर 05 अवंतिपुरा अंकपात मार्ग थाना जीवाजीगंज उज्जैन से कुछ नहीं।
- शैलेन्द्र पिता ओंकार सिकरवार उम्र 30 साल निवासी जेल कालोनी केन्द्रीय जेल भैरवगढ़ से कुछ नहीं।









