गुड़ी पड़वा आज, जानें पूजा मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

आज से हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो रही है। इसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के रूप में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। गुड़ी पड़वा को संवत्सर पड़वो के नाम से भी जाना जाता है, यह मुख्य रूप से भारतीय राज्य महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला वसंत ऋतु का त्योहार है। यह हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और चैत्र महीने के पहले दिन पड़ता है, जो आमतौर पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में पड़ता है।  उत्सव की खुशियों के साथ-साथ, गुड़ी पड़वा को संपत्ति या नया घर खरीदने का भी शुभ समय माना जाता है। गुड़ी पड़वा, मराठी नया साल, लोगों के लिए नई शुरुआत और आशा की भावना लाता है। मुख्य रूप से यह पर्व महाराष्ट्र राज्य में मनाया जाता है, गुड़ी पड़वा या उगादी अगले फसल वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। गुड़ी पड़वा चैत्र के पहले दिन मनाया जाता है। आइए जानते हैं गुड़ी पड़वा का महत्व और पूजा विधि के बारे में। 

गुड़ी पड़वा महत्व

गुड़ी पड़वा महत्व

गुड़ी पड़वा 2023  तिथि 
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ: 21 मार्च 2023, मंगलवार, रात्रि 10: 52 मिनट से 
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त: 22 मार्च 2023, बुधवार, रात्रि 08: 20 मिनट पर 
उदयतिथि के अनुसार 22 मार्च 2023 को गुड़ी पड़वा है।

गुड़ी पड़वा महत्व
गुड़ी पड़वा महत्व

गुड़ी पड़वा 2023 मुहूर्त 2023
गुड़ी पड़वा पूजा मुहूर्त – प्रात: 06 : 29 मिनट से प्रातः 07: 39 मिनट तक (22 मार्च 2023)

गुड़ी पड़वा महत्व
गुड़ी पड़वा महत्व

गुड़ी पड़वा का महत्व
गुड़ी पड़वा हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखता है। ऐसा माना जाता है कि गुड़ी को घर पर फहराने से घर से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और जीवन में भाग्य और समृद्धि आती है। यह दिन वसंत की शुरुआत का भी प्रतीक है और इसे फसल उत्सव के रूप में माना जाता है। इस उत्सव को कई अन्य राज्यों में संवत्सर पड़वो, उगादि, उगादी,चेती, नवरेह, साजिबू नोंगमा पानबा चीरोबाआदि नामों से जाना जाता है।  कई लोगों का मानना है कि इस दिन सोना या नई कार खरीदना शुभ होता है।

गुड़ी पड़वा कैसे मनाते हैं?
गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का पर्व है।  हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व रखता है। गुड़ी पड़वा के दिन बहुत से कार्य किए जाते हैं। इस दिन झंडा, या गुड़ी, घर के सामने फहराया जाता है, और द्वार पर रंग-बिरंगी रंगोली बनाई जाती है। ध्वज को पीले रेशमी आभूषणों, फूलों और आम के पेड़ के पत्तों से सजाया जाता है। सिंदूर और हल्दी से बना एक शुभ स्वास्तिक बनाया जाता है। इस दिन ज़रूरतमंद लोगों को पानी के साथ और भी अन्य वस्तुएं देनी चाहिए। 

  • सम्बंधित खबरे

    इन पांच राशि के लोगों को शुभ योग बनने से मिल सकता है जबरदस्त फायदा

    आज 4 जुलाई, शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज की तिथि आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। आज के राशिफल चंद्र राशि के आधार पर…

    कब है हरियाली तीज, नाग पंचमी और देवशयनी एकादशी? यहां देखें पूरी सूची

     सनातन धर्म की परंपरा में हर महीना अपनी अलग धार्मिक गरिमा और आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आता है। जुलाई का महीना भी कुछ ऐसा ही है, जो न सिर्फ पंचांग में…

    व्यापार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    घी, साबुन और स्नैक्स होंगे सस्ते? 12% GST स्लैब हटाने की तैयारी में मोदी सरकार

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    शेयर बाजार की सपाट शुरुआत; हरे निशान पर सेंसेक्स, निफ्टी भी उछला

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक..; आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    Google Pay और Paytm में आने वाला है बड़ा बदलाव, अब कुछ नंबरों पर UPI पेमेंट नहीं होगा, नया सिस्टम एक्टिव

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    सेब के बाद अब ‘तुर्की’ से नहीं आएगा मार्बल, व्यापारियों ने पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले पर लिया एक्शन

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा

    भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट्स में 6% की गिरावट, एपल को हुआ सबसे ज्यादा फायदा
    Translate »
    error: Content is protected !!