दरअसल बीते दो सालों से कोरोना की मार के चलते बाजारों की रंगत फीकी हो गई थी। नागरिक भी बाजार में नहीं जा पाए, पर इस बार सारे प्रतिबंध हट गए हैं तो लोगों ने भी बाजार का रुख करने में कोई परहेज नहीं रखा। इस दिवाली प्रदेशभर के बाजारों के लिए उमंग और उल्लास लेकर आई है। राजधानी भोपाल में भी बाजार में रंगत देखने को मिली। सराफा, बर्तन, वस्त्र, आटोमोबाइल समेत विभिन्न सेक्टर में जमकर खरीदारी हो रही है। शनिवार और रविवार को धनतेरस मनाने से भोपाल में तकरीबन 500 करोड़ का कारोबार हुआ है। ग्राहकों की अगवानी के लिए बाजार भी सजे हैं। दुकानें-प्रतिष्ठान दुल्हन की तरह सजाए गए हैं।
इंदौर के राजवाड़ा में खरीदारों की काफी भीड़ रही
प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में दीपावली की रंगत देखने लायक है। बीते दिन धनतेरस पर बाजारों में खरीदारों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। अनुमान के मुताबिक करीब 800 करोड़ का कारोबार हुआ है। रविवार को भी कुछ लोगों ने धरतेरस मनाई है। आज भी 300 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद जताई गई है। इंदौर के बाजार सुबह 8 बजे से खुल रहे हैं तो देर रात तक चल रहे हैं। प्रमुख बाजारों में पैर रखने की भी जगह नहीं है।
इंदौर में दिवाली के लिए सजे बाजारों में हर वर्ग के लोग खरीदारी कर रहे हैं
जबलपुर बाजार में आकर्षक सजावट की गई है
प्रदेश की संस्कारधानी कहे जाने वाले जबलपुर में भी बाजार दीपावली की रंगत में रंगे नजर आ रहे हैं। हर तरफ शानदार सजावट की गई है। बाजार में लाइटिंग, डेकोरशन मनमोहने वाला है। शहर के बड़ा फुहारा, छोटा फुहारा से लेकर गढ़ा, अधारताल, सदर, रांझी के मुख्य बाजारों से लेकर गलियों तक में दुकानों में उपहारों को सजाया गया है।
जबलपुर के बाजारों में भी जबरदस्त भीड़ रही
ग्वालियर में बाजारों में काफी भीड़ उमड़ रही है
ग्वालियर में बाजारों में बीते तीन दिनों से जमकर खरीदारी नजर आ रही है। व्यापारी वर्ग खुश नजर आ रहा है। शाम पांच बजे सराफा में पुलिस ने वाहनों का प्रवेश बंद करना पड़ रहा है। शाम सात बजे तक बाजार लाइटिंग में से जगमगाने लगा और बाजार में पैर रखने के लिए जगह नहीं थी। धनतेरस पर रात दो बजे तक सराफा बाजार में लोगों का तांता लगा रहा।
शहर में सड़क किनारे बैठे दुकानदारों के पास भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं









