आजमगढ़: भाजपा और बसपा ने 23 जून को होने वाले आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने कैंडिडेट्स का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने एक बार फिर भोजपुरी स्टारी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर दांव खेला है तो बसपा ने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को मैदान में उतारा है। वह अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस खत्म नहीं हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सोमवार (6 मई) को आजमगढ़ कलेक्टर सभागार में डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव और बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव में से कोई एक नामांकन दाखिल करने के बाद पर्चा वापस लेगा, जबकि दोनों में से एक के नाम पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव आखिरी मुहर लगाएंगे। इसके साथ तय लग रहा है कि आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में सपा की बसपा और भाजपा से टक्कर होगी। हालांकि, सपा की तरफ से सुशील आनंद के साथ पूर्व सांसद और आजमगढ़ की फूलपुर पवई सीट से पार्टी के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव ने भी पर्चा खरीद लिया है। जानकारी के मुताबिक, सपा विधायक ने 2 सेटों में अपना पर्चा खरीदा है। वह जिले की राजनीति में काफी दबदबा रखते हैं। इसके अलावा वह 2009 लोकसभा चुनाव में भाजपा से सांसद चुने गए थे, जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से प्रत्याशी रहते हुए रमाकांत यादव ने मुलायम सिंह यादव को कड़ी टक्कर दी थी।
अखिलेश यादव ने निरहुआ को हराकर जीता था 2019 लोकसभा के चुनाव
2019 के लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ सीट पर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने भाजपा के टिकट पर पर ताल ठोंकी थी, लेकिन वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुकाबले में 2 लाख 59 हजार 874 वोटों से हार गए थे। वहीं, यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में मैनपुरी की कहरल सीट से चुनाव जीतने के बाद सपा प्रमुख ने आजमगढ़ सीट को छोड़ दिया है। इस वजह से यहां उपचुनाव हो रहा है।









