काशी में बोले मोदी- ‘गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए माता है’

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी में थे. उन्होंने यहां 2100 करोड़ रुपये की लागत की 27 परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया. इसके बाद उन्होंने पिंडरा विधानसभा के करखियांव में जनसभा को भी संबोधित किया.
इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे यहां गाय की बात करना, गोबर धन की बात करना, कुछ लोगों ने ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं जैसे हम गुनाह कर रहे हैं. गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है. पूजनीय है.

पीएम मोदी ने कहा कि बनास डेयरी से जुड़े लाखों किसानों के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. रामनगर के दूध प्लांट को चलाने केलिए बायोगैस आधारित पावर प्लांट का भी शिलान्यास हुआ है. पीएम मोदी ने कहा कि आज यूपी के लाखों लोगों को अपने घर के कानूनी दस्तावेज भी सौंपी गई है.

उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब हमारे गांवों में घर-आंगन में मवेशियों के झुंड ही संपन्नता की पहचान थे और हमारे यहां तो कहा भी जाता था कि हर कोई पशुधन कहता है. किसके दरवाजे पर कितने खूंटे हैं, इसको लेकर स्पर्धा रहती थी. हमारे शास्त्रों में भी कहा गया है कि गायें मेरे चारों ओर रहे और मैं गायों के बीच निवास करूं. ये सेक्टर हमारे यहां रोजगार का भी हमेशा से बहुत बड़ा माध्यम रहा है. लेकिन बहुत लंबे समय तक इस सेक्टर को जो समर्थन मिलना चाहिए था, वो पहले की सरकारों में मिला नहीं. अब हमारी सरकार देशभर में इस स्थिति को बदल रही है.

पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सिर्फ कोरोना वैक्सीन ही मुफ्त नहीं लगा रही, बल्कि पशुधन को बचाने के लिए अनेक टीके मुफ्त लगवा रही है. इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि 6-7 साल पहले की तुलना में देश में दूध उत्पादन 45 प्रतिशत बढ़ा है. आज भारत दुनिया का लगभग 22 प्रतिशत दूध उत्पादन करता है. यूपी आज देश का सबसे अधिक दूध उत्पादक राज्य तो है ही, डेयरी सेक्टर के विस्तार में भी बहुत आगे है.

उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति में नई ऊर्जा किसानों की स्थिति बदलने में बड़ी भूमिका निभा सकती है. इस विश्वास के कई कारण भी हैं. पहला ये कि देश के छोटे किसानों की अतिरिक्त आय का साधन पशुपालन है. दूसरा ये कि भारत के डेयरी प्रोडक्ट के पास विदेशों का बहुत बड़ा बाजार है, जिसमें आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं. तीसरा ये कि पशुपालन महिलाओं के आर्थिक उत्थान को आगे बढ़ाने का बहुत बड़ा जरिया है. चौथा ये कि हमारा पशुधन बायोगैस, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती का बड़ा आधार है. जो पशु दूध देने योग्य नहीं रह जाते वो भी हर दिन किसानों की आय बढ़ा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की हमारी सरकार पूरी ईमानदारी से, पूरी शक्ति से किसानों और पशुपालकों का साथ दे रही है. आज यहां बनास-काशी संकुल का शिलान्यास किया गया है, वो भी सरकार और सहकार की भागीदारी का प्रमाण है. बनास-काशी संकुल की वजह से आसपास के अनेक गांवों में दूध समितियां बनेंगी. दूध के खराब होने की चिंता से मुक्ति मिलेगी. एक प्रकार से बनास-काशी संकुल बनारस के रस को और बढ़ा देगा.

उन्होंने कहा कि दूध की क्वालिटी को लेकर हमारे यहां बहुत उलझन रही है. प्रमाणिकता के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण पशुपालकों, दुग्ध संघों, डेयरी सेक्टर को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अब इस चुनौती का समाधान किया गया है. आज भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के लिए एकीकृत व्यवस्था जारी की है. सर्टिफिकेशन के लिए कामधेनु गाय की विशेषता वाला लोगो भी लॉन्च किया गया है. ये लोगो दिखेगा तो शुद्धता की पहचान आसान होगी.

उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत में प्राकृतिक खेती अप्राकृतिक तरीके से होती थी. प्राकृतिक खेती में कोई बाहरी मिलावट नहीं. जो खेत में मिल रहा है, खेती के पशुओं से मिल रहा है, वही तत्व काम में आते थे. लेकिन समय के साथ प्राकृतिक खेती का दायरा सिमटता गया. उस पर केमिकल वाली खेती हावी होती गई. हमारी मिट्टी की सुरक्षा के लिए, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एक बार फिर प्राकृतिक खेती की तरफ मुड़ना ही होगा. यही समय की मांग है. इसलिए अब सरकार नेचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए, जागरूक करने के लिए बड़ा अभियान चला रही है. किसान दिवस पर आपसे आग्रह करता हूं कि आप प्राकृतिक खेती करें. ये खेती का सबसे सस्ता और सुरक्षित तरीका है. ये हमारे कृषि सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम है.

पीएम मोदी ने कहा कि अपने घर की घरौनी जब अपने हाथ में होगी तो दलित, पिछड़े, वंचित को घर पर अवैध कब्जे की चिंता नहीं होगी. पिछली सरकारों के दौरान जो अवैध कब्जा शुरू हुआ था, उस पर भी लगाम लगेगी. घरौनी पर बैंकों से लोन लेना भी आसान होगा. विकास की जब बात आती है, तो काशी अपने आप में एक मॉडल बनता जा रहा है. आज जिन प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है वो भव्य काशी, दिव्य काशी अभियान को और गति देंगे.

उन्होंने कहा कि यूपी के विकास में डबल इंजन की डबल शक्ति और डबल विकास की बात करता हूं तो कुछ लोगों को कष्ट हो जाता है. ये वो लोग हैं जिन्होंने यूपी की राजनीति को जाति, पंथ, मजहब के चश्मे से देखा. इन लोगों ने कभी यूपी के विकास को नहीं चाहा. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की परिभाषा भी उनके सिलेबस में नहीं है. उनके सिलेबस में माफियावाद, परिवारवाद, घरों-जमीनों पर अवैध कब्जा है. पहले की सरकारों के समय यूपी के लोगों को जो मिला और अब जो मिल रहा है, उसका फर्क साफ है.

उन्होंने कहा कि बीते रविवार काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे. यूपी के दशकों पीछे धकेलने वाले इन लोगों की नाराजगी और बढ़ेगी. जिस तरह यूपी के लोग डबल इंजन की सरकार के साथ डटकर खड़े हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं और जैसे-जैसे आशीर्वाद बढ़ता जाता है, उनका गुस्सा 7वें आसमान पर पहुंचेगा. डबल इंजन की सरकार यूपी के विकास के लिए दिनरात ऐसी ही मेहनत करती रहेगी. महादेव के आशीर्वाद और काशी वासियों के स्नेह से विकास के नए रिकॉर्ड बनाते रहेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने कारखिगांव में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण फूड पार्क में बनास डेयरी संकुल की आधारशिला रखी. 475 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाली यह डेयरी 32 एकड़ जमीन में फैली हुई है. दावा है कि इसमें रोजाना 5 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण किया जाएगा. इससे रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे.

प्रधानमंत्री ने बीते दिन ट्वीट किया था कि मेरे संसदीय क्षेत्र के साथ पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गुरुवार का दिन विकास कार्यों को समर्पित रहेगा. वाराणसी में दोपहर करीब 1 बजे कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का सौभाग्य प्राप्त होगा. इनसे राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ ही किसान भाई-बहनों को भी लाभ होगा.

4 बड़े प्रोजेक्ट किया शिलान्यास

पीएम मोदी करखियांव में 32 एकड़ में फैले 475 करोड़ की लागत से डेढ़ साल में तैयार होने वाले बनास-काशी संकुल परियोजना यानी अमूल प्लांट के मैदान में ही प्लांट की आधारशिला रखी. अन्य 4 बड़े प्रोजेक्ट का भी शिलान्यास किया. दुग्ध क्रांति वाली 475 करोड़ की परियोजना से 5-10 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन करने का दावा किया जा रहा है.

इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया

1- बनास काशी संकुल -करखियांव – 475 करोड़.
2- मोहनसराय दीनदयाल चकिया मार्ग (लंबाई 11 किमी) के मध्य सर्विस लेन के साथ सिक्स लेन कार्य – 412.53 करोड़
3- वाराणसी -भदोही-गोपीगंज मार्ग (एसएच-87) भी फोर लेन ( 8.6 किलोमीटर) मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण- 269 .10 करोड़
4- दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड संयत्र, रामनगर बायो गैस पावर उत्पादन केंद्र -19 करोड़
5- आयुष मिशन के तहत राजकीय होम्यापैथिक मेडिकल कालेज- 49.99 करोड़

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