नई दिल्लीः दिल्ली के पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट के मामले में बताया कि इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. साथ ही उन्होंने कोर्ट में गोलीबारी को लेकर पुलिस की ओर सुरक्षा में चूक को स्वीकार किया है. हालांकि वह इस घटना को गैंगवार कहने से बच रहे हैं।
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हुई गोलीबारी के बाद अदालतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने स्वीकार किया कि इस मामले में सुरक्षा में चूक हुई है। हालांकि वो गोलीबारी को गैंगवार मानने से इनकार कर रहे हैं। रोहिणी कोर्ट में वकीलों की ड्रेस में आए दो हमलावरों ने अदालत में सुनवाई के दौरान गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को गोली मार दी। इसके जवाब में गैंगस्टर को एस्कॉर्ट कर रहे स्पेशल फोर्स के जवानों ने दोनों हमलावरों को मार गिराया।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक घटनास्थल पर पुलिस मौजूद थी और उन्होंने इसका मुकाबला किया. राकेश अस्थाना ने कहा कि घटना के बैकग्राउंड की जांच करने के लिए उन्होंने केस को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। ताकि केस की अच्छी तरह से जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि अभी केवल वकीलों की ड्रेस में दो लोगों द्वारा गोगी को मारने की घटना सामने आई है। ये जांच का विषय है कि उनके साथ कोई और तो नहीं था. इसकी जांच के बाद हम जानकारी देंगे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हमने बीते सप्ताह ही कोर्ट की सुरक्षा को लेकर रिव्यू किया था। हम इसकी जांच करेंगे और दिल्ली की सभी अदालतों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहेंगे।









