पेगासस केस पर SC की केंद्र को फटकार, हम जानना चाहते हैं सरकार क्या कर रही है

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पेगासस मामले पर हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने साफ कर दिया कि वह इस मामले पर एफिडेविट दाखिल नहीं करने जा रही है, लेकिन वह जासूसी के आरोपों की जांच के लिए पैनल गठित करने को राजी है।

केंद्र ने प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ से कहा कि उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और यही वजह है कि उसने अपनी ओर से कहा कि आरोपों की जांच के लिए वह क्षेत्र के विशेषज्ञों की समिति का गठन करेगा।

चीफ जस्टिस रमना ने कहा कि कोर्ट जानना चाहता है कि आखिर सरकार इस मामले पर क्या कर रही है। दरअसल, इससे पहले की सुनवाई में केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल करने के लिए दो बार वक्त लिया था, लेकिन अब उसने सीधे तौर पर इनकार कर दिया।

वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित जानकारी को हलफनामे का हिस्सा बनाना राष्ट्रहित में नहीं होगा।

मेहता ने कहा कि विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष पेश की जाएगी। इस पर, पीठ ने मेहता से कहा कि यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि वह नहीं चाहते कि सरकार ऐसी कोई भी जानकारी का खुलासा करे जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती हो। मामले में सुनवाई अभी चल रही है।

ये याचिकाएं, सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रतिष्ठित नागरिकों, नेताओं और पत्रकारों की इजराइल के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए कथित जासूसी की खबरों से संबंधित है। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने कहा था कि पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर 300 से अधिक भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नाराजगी जताई
पेगासस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से नाराजगी जताई। बता दें कि CJI रमना ने कहा कि आप बार-बार उसी बात पर वापस जा रहे हैं, हम जानना चाहते हैं कि सरकार क्या कर रही है। पब्लिक डोमेन वाले तर्क पर कोर्ट ने कहा कि हम राष्ट्रीय हित के मुद्दों में नहीं जा रहे हैं, हमारी सीमित चिंता लोगों के बारे में है।

क्या है पेगासस जासूसी मामला?
दरअसल, आरोप है कि सरकार द्वारा इजरायली स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल कर देश में कई हस्तियों की जासूसी की गई, इनमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य कई नेता शामिल हैं। विपक्ष द्वारा इस मसले पर संसद के मॉनसून सत्र पर लगातार हंगामा भी किया जा रहा ता। हालांकि, सरकार ने संसद में कहा है कि उनकी ओर से ऐसी कोई जासूसी नहीं की गई है. वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट करीब 9 याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

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