देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय इंदौर की तरफ से सभी छात्रों को उनकी फीस लौटाई जाएगी। इस निर्णय की जानकारी मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने दी। उन्होंने कहा इस साल सीईटी की 3100 सीटें थी, जिसमें करीब 17000 छात्रों ने परीक्षा देने के लिए आवेदन किया था तथा प्रति आवेदक से डेढ़ हजार रुपए के हिसाब से फीस जमा करवाई गई थी। सभी छात्रों को इस ऑनलाइन परीक्षा की परीक्षा शुल्क लौटाया जाएगा, अगले साल पूरी तरह से इस परीक्षा को पारदर्शी रूप में संपन्न कराया जाएगा।
आईटी कॉन्क्लेव-2025 में गूगल-माइक्रोसॉफ्ट करेंगी शिरकत:जीआईएस-2025 की घोषणाओं को निवेश में बदलने की पहल, 27 अप्रैल को होगा आयोजन
इंदौर में आयोजित होने वाले आईटी कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियां उपस्थिति दर्ज कराएंगी।मध्य प्रदेश सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 27 अप्रैल को इंदौर के…









