मध्य प्रदेश बीजेपी में खलबली, कभी कांग्रेसी रहे विधायकों का मन टटोलेगी पार्टी

भोपाल :मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो विधायकों के कमलनाथ सरकार के पक्ष में वोटिंग करने से पार्टी में खलबली मच गई है। सबसे बड़ा झटका यह लगा कि पार्टी में किसी को भी भनक क्यों नहीं लग पाई कि उनके दो विधायकों के मन में क्या चल रहा है। गुरुवार को मध्य प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष राकेश सिंह को हाईकमान ने दिल्ली से मध्य प्रदेश भेजा। जिसके बाद भोपाल में पार्टी की इमरजेंसी मीटिंग हुई। मीचिंग में यह भी चर्चा की गई कि पार्टी के करीब आधा दर्जन विधायकों का भी मन टटोला जाए, जो पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक 2019 के पक्ष में बीजेपी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कौल ने भी मतदान किया। जिसके बाद वह कांग्रेस सीएम कमलनाथ के साथ नजर आए। पार्टी ने अभी उन पर कोई एक्शन नहीं लिया है न ही कोई नोटिस दिया है। भोपाल में बुधवार को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा में नेता विपक्ष गोपाल भार्गव, संगठन महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की मीटिंग हुई।
पुराने कांग्रेसियों का मन टटोलने की कोशिश करेगी बीजेपी
सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में चर्चा की गई कि कैसे दो विधायकों की मंशा के बारे में पता नहीं चल पाया। 10 मिनट पहले तक ये दोनों विधायक भी बाकी विधायकों के साथ ही थे और अचानक वोटिंग होने के बाद बीजेपी को पता चला कि क्या खेल हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में इस पर भी बात की गई कि बीजेपी के करीब आधा दर्जन विधायक ऐसे हैं, जो पांच-सात साल पहले कांग्रेस में थे। माना जा रहा है कि पार्टी नेता अब उन विधायकों का मन टटोलने की कोशिश करेंगे।

यह पूछने पर कि क्या पार्टी ने दोनों विधायकों को नोटिस दिया है, मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि दोनों विधायक पार्टी के मेंबर हैं और हम उनसे बात करेंगे। दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस डरी हुई है क्योंकि उनके पास पूरे नंबर नहीं है। बीएसपी, एसपी और निर्दलीय उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं और कांग्रेस विधायक दल में भी गुटबाजी है। कई विधायक उपेक्षित घूम रहे हैं और कांग्रेस को डर है कि कहीं वे पाला न बदल लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह पूरा नाटक अपने विधायकों पर मानसिक दबाव बनाने के लिए रचा ताकि उन्हें यह दिखा सकें कि उनकी सरकार स्थिर है।

कंप्यूटर बाबा ने भी दिए संकेत
उधर, कांग्रेस के करीबी माने जाने वाले कंप्यूटर बाबा ने दावा किया है कि अभी बीजेपी के और विधायक उनके संपर्क में है। इंदौर में कंप्यूटर बाबा ने कहा, ‘चार विधायक (बीजेपी) मेरे संपर्क में हैं, जब सही समय होगा तो मैं उन्हें सबके सामने पेश करूंगा। जब मुख्यमंत्री कमलनाथ मुझसे कहेंगे तो मैं उनके सामने इन्हें पेश कर दूंगा। वे (4 बीजेपी विधायक) मेरे संपर्क में हैं और सरकार में शामिल होना चाह रहे हैं।’

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