केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया काे हर तरफ से बधाई मिल रही है। पूर्व मंत्री इमरती देवी दिल्ली में उन्हें बधाई देते समय भावुक हो गईं। इमरती के चेहरे पर मुस्कान थी, पर आंखों से आंसू बहने लगे। यह देखकर सिंधिया भी खुद को नहीं रोक पाए और भावुक होकर इमरती देवी को गले लगा लिया। करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात में ढेर सारी बातें हुई। इसके बाद सिंधिया ने यह भी बताया कि वह शुक्रवार रात तक ग्वालियर पहुंच सकते हैं।
मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया का ग्वालियर चंबल अंचल में ही नहीं पूरे मध्य प्रदेश में कद बढ़ा है। इस बढ़ते हुए कद में उन सभी विधायकों का बहुत योगदान है, जिन्होंने कांग्रेस से भाजपा में जाते समय उनके लिए अपने मंत्री और विधायक के पद को दांव पर लगा दिया। इन्हीं में से एक नाम है पूर्व मंत्री इमरती देवी। सबसे पहले सिंधिया के लिए इस्तीफा या मंत्री पद दांव पर लगाने वालों में इमरती सबसे आगे थीं।
अब बुधवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली और उनको नागरिक उड्डयन मंत्रालय मिला तो गुरुवार को इमरती देवी उनसे मिलने दिल्ली पहुंच गईं। गुरुवार को वह मंत्रालय स्थित सिंधिया के दफ्तर पहुंचीं और उनसे मुलाकात कर केंद्रीय मंत्री बनने की बधाई दी।

इमरती को भावुक होते देख सिंधिया खुद को रोक नहीं पाए
जब इमरती देवी ने कहा कि मंत्री बनने की बधाई हो महाराज साहब तो सिंधिया ने मुस्कुरा कर अभिवादन स्वीकार किया। पर इसी समय इमरती देवी भावुक हो उठीं और उनकी आंखें आंसू से भर आईं। यह आंसू खुशी के थे, लेकिन यह देखकर केंद्रीय मंत्री सिंधिया से भी रहा नहीं गया और वह भी भावुक हो उठे। उन्होंने दो कदम आगे बढ़कर तत्काल इमरती देवी को गले लगा लिया।
महाराज साहब के मंत्री बनने की बहुत खुशी है: इमरती
पूर्व मंत्री इमरती देवी अभी दिल्ली में हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री बनने पर वह महाराज साहब को बधाई देने गई थीं। उनके केंद्रीय मंत्री बनने से मैं बहुत खुश हूं। वह इसके हकदार भी थे। साथ ही बताया कि जैसा कि महाराज से बात हुई है, वे शुक्रवार शाम या रात तक ग्वालियर आ सकते हैं।









