सागर।
बोकारो से सागर के लिए रवाना हुआ ऑक्सीजन का टैंकर सोमवार को सागर पहुंच गया। एक दिन पहले झांसी पुलिस प्रशासन द्वारा इसे रोक लिया गया था, लेकिन एसीएस के दखल के बाद इसे सागर पहुंचा दिया गया।
बोकारो से दो दिन पहले 16 टन का आक्सीजन टैंकर क्रं. यूपी 78 बीटी 5404 सागर के लिए निकला था, लेकिन उप्र के झांसी में जीआरपी ने इसे रोक लिया था। मामले की जानकारी लगते ही कमिश्नर मुकेश शुक्ला व कलेक्टर दीपक सिंह ने सक्रियता दिखाते हुए तत्काल राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पत्राचार शुरू हुआ और अतिरिक्त गृह सचिव राजेश राजौरा ने यूपी सरकार के एसीएस से बात की और फिर यह टैंकर महोबार, छतरपुर के बीच कैमाहा बार्डर से सागर के लिए रवाना किया गया।
हालांकि बाद में राजौरा इंटरनेट मीडिया में सिलेंडर रोके जाने की बात को सिर्फ अफवाह बता रहे थे। गनीमत यह रही कि रविवार को जबलपुर से दूसरा ऑक्सीजन टैंकर सागर पहुंच गया था नहीं तो यहां ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो सकता था।
बीएमसी में खाली कराया टैंकर, एक सप्ताह तक राहत
नोडल अधिकारी डॉक्टर इच्छित गढ़पाले द्वारा लगातार की गई मॉनिटरिंग से बोकारो से चला ऑक्सीजन टैंकर सोमवार को सुबह सागर पहुंचा गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ऑक्सीजन के नोडल अधिकारी डॉ इच्छित गढ़वाले ने बताया कि कमिश्नर मुकेश शुक्ला के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी और पुलिस बल ने लगातार निगरानी करते हुए सोमवार को प्रातः 6 बजे सागर सीमा में पहुंचा और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में खाली कराया है।
डॉ गढ़पाले ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए परियोजना अधिकारी उदय गौतम, डीएसपी संजय खरे एवं अन्य पुलिस बल के साथ टैंकर लाने के लिए योजना बनाई और सागर लाए। अब यह ऑक्सीजन करीब एक सप्ताह तक मरीजों के लिए पर्याप्त है तो वहीं जबलपुर से प्रतिदिन करीब 600 सिलेंडर भी प्राप्त होंगे।









