देवास. इंदौर निवासी एक कॉलोनाइजर ने उज्जैन रोड खजुरियाजागीर में एक हेक्टेयर कृषि भूमि को कॉलोनी के रूप में परिवर्तित कर बिना टीएनसी नक्शा पास कराए लोगों को प्लाटिंग कर बेच दी। इसकी शिकायत लोगों ने तत्कालीन कलेक्टर डॉ. श्रीकांत पांडेय को थी। इस पर पांडेय ने राजस्व विभाग को जांच करने के आदेश दिए थे। जांच अधिकारी नायब तहसीलदार पूनम तोमर थीं।
जांच में पाया कि इंदौर के कॉलोनाइजर सोहन नांदेल ने देवास के दिलीप अग्रवाल से एक हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी और बिना शासन की अनुमति और टीएनसी नक्शा पास कराए और ग्राम पंचायत खजुरियाजागीर से बिना अनुमति के कृषि भूमि में कॉलोनी डेवलप कर प्लॉट बेचना चालू कर दिए। साथ ही करीब 50 लोगों को अच्छी कॉलोनी डेवलप के नाम से प्लाट बेच दिए। 13 जून को प्रभारी तहसीलदार पूनम तोमर ने कोतवाली टीआई को कॉलोनाइजर सोहन नांदेल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। कोतवाली टीआई ने थानाक्षेत्र बीएनपी को आवेदन कार्रवाई के लिए भेज दिया था।
प्रभारी तहसीलदार पूनम तोमर ने बताया कि इंदौर के कॉलोनाइजर सोहन नांदेल ने अवैध रूप से कॉलोनी काटकर लोगों को प्लाट बेच दिए हैं। जांच में पाया कि उसने टीएनसी से नक्शा पास कराए बिना ही कॉलोनी काट दी। जिला प्रशासन के आदेश पर मैंने कॉलोनाइजर के विरुद्ध थाना बीएनपी में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कराई और कलेक्टर को अपना जांच प्रतिवेदन सौंप दिया है। पुलिस ने बताया कॉलोनाइजर सोहन नांदेल इंदौर ने आनंद फर्म के नाम से कॉलोनी विकसित कर लोगों को अवैध तरीके से प्लाॅट काटकर बेचे जा रहे थे। तहसीलदार पूनम तोमर के आवेदन पर कॉलोनाइजर पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।









