गर्मी आते ही वन विभाग के अधिकारी सचेत हो जाते हैं। गर्मियों में वन प्राणी पानी कि तलाश में शहर और गांव तक पहुंचने लगते हैं, जिसके लिए रेंज अपनी टीम के साथ सतत् निगरानी में लग जाते हैं।
मार्च की गर्म धूप से ही वन प्रणीयों का पानी के लिए भटकना शुरु हो जाता हैं। एसडीओ संदीप गौतम का कहना हैं कि हर वर्ष वन मंडल इसके लिए पहले से ही तैयारी में जुट जाता है। जिससे वन्यप्रणियों को किसी तरह कि परेशानी नहीं हो, लेकिन इस साल पानी की कमी हो रही हैं और गर्मी के दिनों में आग लगने कि भी समस्या रहती हैं, जिसके कारण सभी कर्मचारीयों को फायर प्रोटेक्शन के लिए काम हो चुके हैं। हालांकि कई जतन करने के बावजुद वन विभाग कि कार्यकुशलता पर संदेह होने लगता हैं। क्योंकि ये निर्देश मात्र कागजो पर ही रहते हैं, जिसके कारण हर वर्ष आग लगने जैसी घटना सामने आती हैं।
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