
दिल्ली में गरीबों को शनिवार से आयुष्मान मिलेगा। इस सुविधा के तहत पंजीकृत व्यक्ति दिल्ली सहित देशभर के निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकेंगे। सुविधा को शुरू करने के लिए शनिवार को नई दिल्ली में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच एक समझौता होगा।
सीएम रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा रहेंगे मौजूद
दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएमजेएवाई) के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और दिल्ली सरकार के बीच समझौता होगा। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उपस्थिति रहेंगी।
एक माह में एक लाख परिवारों को मिलेगी सुविधा
दिल्ली सरकार के मुताबिक, समझौते के साथ ही योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि अगले एक माह में एक लाख परिवारों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। योजना के पहले चरण के लिए एएवाई और पीआरएस कार्ड को चुना है। इसके अलावा दूसरे नियम भी बनाए जा रहे हैं। समझौते के साथ ही योजना में शामिल करने के लिए नियम और शर्त सार्वजनिक हो जाएंगे। इन्हीं नियमों के तहत दिल्ली के सभी लाभार्थियाें को सुविधा मिलेगी।
इन्हें मिल सकती है सुविधा
- राशन कार्ड के साथ दिल्ली के आधार कार्ड धारक
- 70 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति
इन कार्ड धारकों को मिल सकती है सुविधा
-अंत्योदय अन्न योजना राशन कार्ड (एएवाई)
परिवार की संख्या : 66,281
लाभार्थी : 2,72,248
प्राथमिकता प्राप्त घरेलू (सब्सिडी प्राप्त) राशन कार्ड (पीआरएस)
परिवार की संख्या : 1,68,114
लाभार्थी : 7,63,904
बड़े अस्पतालों को मिल सकता है टैरिफ
दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहे मैक्स, मेंदाता, अपोलो सहित बड़े अस्पतालों को आयुष्मान योजना के दायरे में लाने के लिए 30 फीसदी का टैरिफ दिया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि सामान्य अस्पताल व नर्सिंग होम के मुकाबले इन्हें दी जाने वाली दर 25 से 35 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है, जबकि अन्य अस्पतालों की दर देश के अन्य राज्यों की तरह होने का अनुमान है।
बिना कार्ड वालों को योजना में शामिल होने के लिए इंतजार करना पड़ेगा
दिल्ली में रह रहे बिना कार्ड वालों को आयुष्मान योजना में शामिल होने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल ऐसे परिवार वालों के लिए कोई योजना नहीं बनाई गई है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इन गरीब परिवारों को शामिल करने के लिए योजना बनाई जा सकती है। उसके बाद ही उन्हें आयुष्मान की योजना मिल सकती है।