इन राष्ट्रीय पार्टियों को NOTA से भी मिले कम VOTE: 1% वोट पाने में भी धूल चाटते नजर आई पार्टियां, एक प्रत्याशी को परिवार की नहीं मिला साथ

देश की राजधानी दिल्ली में इस बार बड़ा उलफेटर देखने को मिला। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की है। बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर कब्जा जमाया। जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटों पर जीत मिली। वहीं कांग्रेस एक बार फिर अपना खाता तक नहीं खोल सकी। इस बार दिल्ली चुनाव में कई चौंकाने वाले आंकड़े भी सामने आए है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल…

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने खेला कर दिया। भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल कर दिल्ली की सत्ता हासिल की। इसी के साथ बीजेपी का 27 साल का वनवास खत्म हो गया है। लेकिन इस बार के चुनाव में बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए है। दो राष्ट्रीय पार्टियों को नोटा से भी कम वोट मिले। कुछ पार्टियां एक प्रतिशत वोट पाने भी नाकाम रही।

प्रत्याशियों की पूरी लिस्ट
बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसी पार्टियां एक फीसदी वोट हासिल करने में भी विफल रही हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) को एक भी वोट नहीं मिला, जबकि कुल डाले गए वोटों में AIMIM को 0.78 फीसदी, BSP को 0.58 फीसदी, भाकपा को 0.2 फीसदी और जनता दल(यूनाइटेड) को 0.86 फीसदी वोट प्राप्त हुए। कुल 0.56 प्रतिशत मतदाताओं ने नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) का विकल्प चुना। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में केवल दो सीट (ओखला और मुस्तफाबाद) पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में कामयाब रही और दोनों प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहे।

दिल्ली चुनाव का वोट शेयर
भारतीय जनता पार्टी को 45.56 फीसदी, आम आदमी पार्टी को 43.57 फीसदी, कांग्रेस को 6.34 फीसदी, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM को 0.77 फीसदी, मायावती की बीएसपी को 0.58 फीसदी, सीपीआई को 0.02 फीसदी, सीपीआई (एम) 0.01 फीसदी, नीतीश कुमार ती जेडीयू को 1.06 फीसदी, चिराग पासवान की लोजपा(र) 0.53 फीसदी, एनसीपी को 0.06 फीसदी और अन्य को 0.93 फीसदी वोट शेयर मिला। वहीं नोटा पर 0.57 परसेंट वोट पड़े।

दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके ये उम्मीदवार
राजधानी की नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे 6 प्रत्याशी दहाई का भी आंकड़ा नहीं छू सके। ये सभी उम्मीदवार छोटे राजनीतिक दलों से हैं। भारत राष्ट्र डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ने वाले 72 साल के ईश्वर चंद को महज चार वोट मिले। मयूर विहार फेज-2 के रहने वाले ईश्वर चंद ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा था। ईश्वर को खुद के रिश्तेदारों के भी वोट नहीं मिले। जबकि भीम सेना के संघा नंद बौद्ध, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के मुकेश जैन और राष्ट्रीय मानव पार्टी के नित्या नंद सिंह को 8-8 वोट मिले। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी हैदर अली और पंकज शर्मा को 9-9 वोट हासिल हुए।

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