भोपाल. मध्य प्रदेश में तहसील जिला और संभाग की सीमाओं में परिवर्तन के लिए राजनीतिक हस्तक्षेप होगा. प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग में राजनीतिक नियुक्ति होगी. अब इकाई पुनर्गठन आयोग में प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक व्यक्ति आयोग का अध्यक्ष होगा.बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग आयोग के गठन और सेवा शर्तों का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय भेजेगा. मोहन यादव की अगली कैबिनेट बैठक में आयोग के गठन और सेवा का प्रस्ताव आएगा. ऐसे में कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी.
बता दें कि आयोग के पास नए जिलों की पुनर्गठन की अनुशंसा का अधिकार भी होगा. प्रदेश में प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग अध्ययन करने के बाद प्रदेश के जिलों, तहसील, विकास खंडों की सीमाओं को बदलने कार्यवाही की जाएगी. गौरतलब है कि राजनीतिक कारणों से कई जिलों के गठन से सीमाओं की कई गड़बड़ियां सामने आईं हैं.
प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग पर कांग्रेस का बयान
इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कहा कि वोटों की राजनीति के लिए सरकार प्रशासनिक अधिकारों का हनन कर रही है. सीमाएं और परिसीमन प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र का मामला है. सरकार बीजेपी के नेताओं को आयोग में बैठाएगी. वोट के लिए मनमाने तरीके से क्षेत्र का बटवारा होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मामले को लेकर हर स्तर पर विरोध दर्ज कराएगी. बीजेपी सरकार प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ लोकतंत्र का भी गला घोट रही है.









