मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंका दिया है. प्रदेश के राजनीतिक भविष्य की तस्वीर साफ हो चली है. सीहोर की बुधनी विधानसभा लगातार चर्चाओं में रही, इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प था, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मुकाबला जीत लिया है. बुधनी में त्रिकोणीय मुकाबला था, लेकिन सपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए सीएम शिवराज ने बुधनी में इतिहास रच दिया है.

बुधनी को बनाया बीजेपी का गढ़
बुधनी शिवराज सिंह चौहान का गढ़ कहा जाता है. 1990 में शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी में भाजपा का खाता खोला था. इसके बाद 2006 से वे लगातार बुधनी से विधायक चुनते आ रहे हैं. वे छठवीं बार बुधनी से प्रत्याशी थे और जीतकर बुधनी में रिकॉर्ड बना दिया है. सीएम शिवराज को कांग्रेस के विक्रम मस्ताल और सपा के मिर्ची बाबा चुनौती देकर बंपर मतों से ये चुनाव जीते हैं.
क्या संभालेंगे मध्य प्रदेश की कमान?
मध्य प्रदेश में बीजेपी बंपर जीत की ओर है. कुछ ही समय में नतीजे साफ हो जाएंगे और मध्य प्रदेश के राजनीतिक भविष्य का फैसला हो जाएगा. सीएम शिवराज सिंह चौहान बुधनी जीत चुके हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की सत्ता जीतना अभी भी बाकी है. अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं. देखना होगा कि प्रदेश की कमान किसे मिलती है.









