सावन के माह में इस बार 8 सोमवार रहेंगे लेकिन कुछ सोमवार बहुत ही मत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसमें से एक ऐसा सोमवार है जबकि मासिक शिवरात्रि भी रहेगी। ऐसे में इस सोमवार के दिन शिव की पूजा का महत्व बढ़ जाएगे क्योंकि सोमवार और चतुर्दशी दोनों ही शिवजी का दिन हैं।
आओ जानते हैं कि यह सोमवार कब है और कैसे करें रुद्राभिषेक।
सावन का छठा सोमवार : 14 अगस्त 2023 को श्रावण मास का छठा सोमवार रहेगा। इस सोमवार के दिन चतुर्दशी का व्रत भी रखा जाएगा। कृष्ण पक्ष की यह चतुर्दशी मासिक शिवरात्रि है।
कैसे करें शिवलिंग का रुद्राभिषेक, पूजा की सरल विधि-
पूजा सामग्री- भांग, धतूरा, बेलपत्र, दूध, दही, घृत, शहद, चीनी, अनार, ऋतुफल, भस्म, चंदन, सफेद फूल, जल का पात्र, गंगा जल, शिव भोग, प्रसाद आदि।
शिवलिंग को उत्तर दिशा में स्थापित करके पूर्व में मुख करके रुद्राभिषेक करते हैं।
पहले शिवलिंग का शुद्ध जल या गंगाजल से जलाभिषेक करें।
इसके बाद पंचामृत (दूध, दही, शहद, शक्कर, घी) समेत गन्ने का रस आदि सभी तरल पदार्थ से उनका अभिषेक करें।
अभिषेक करते समय शिवजी का पंचाक्षरी मंत्र- ॐ नम: शिवाय का जप करते रहें।
उपरोक्त अभिषेक करने के बाद पुन: जलाभिषेक करें।
इसके बाद शिवजी को चंदन और भस्म का लेप लगाएं।
लेप लगाते समय महामृत्युंजय मंत्र या रुद्राष्टकम मंत्र का जाप करें।
इसके बाद उन्हें पान का पत्ता, बेलपत्र सहित सभी बची हुई पूजा सामग्री करें।
इसके बाद उन्हें उनकी पसंद का भोग लगाएं और इसके बाद 108 बार शिव मंत्र का जप करें।
जप करने के बाद उनकी आरती उतारते हैं।
आरती के बाद प्रसाद वितरण करते हैं।









