कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक दिन है। चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को बहुमत मिल गया है। 10 मई को सूबे की 224 विधानसभा सीटों पर 72.82 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे। इस बार चुनाव में कुल 2,615 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।
डाक मतों के सहारे जयनगर में 16 वोट से जीती भाजपा
जयनगर सीट से भाजपा के सीके राममूर्ति सिर्फ 16 वोट से जीते। दरअसल कांग्रेस की सौम्या रेड्डी से करीब 300 वोटों के अंतर से हार रहे राममूर्ति ने दोबारा मतगणना की मांग की थी। दोबारा मतों की गिनती के अलावा डाक मतों को जोड़ा गया तो राममूर्ति ने सौम्या रेड्डी को मात दे दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार और कार्यकारी अध्यक्ष रामलिंगा रेड्डी समेत पार्टी के कई नेताओं ने दोबारा मतगणना का विरोध किया।
डाक मतों के सहारे जयनगर में 16 वोट से जीती भाजपा
जयनगर सीट से भाजपा के सीके राममूर्ति सिर्फ 16 वोट से जीते। दरअसल कांग्रेस की सौम्या रेड्डी से करीब 300 वोटों के अंतर से हार रहे राममूर्ति ने दोबारा मतगणना की मांग की थी। दोबारा मतों की गिनती के अलावा डाक मतों को जोड़ा गया तो राममूर्ति ने सौम्या रेड्डी को मात दे दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार और कार्यकारी अध्यक्ष रामलिंगा रेड्डी समेत पार्टी के कई नेताओं ने दोबारा मतगणना का विरोध किया। जयनगर सीट पर राममूर्ति की करीबी अंतर से जीत के बाद भाजपा की सीटों की संख्या 66 हो गई है। वहीं, राज्य में बहुमत हासिल करने वाली कांग्रेस को 135 सीटें और जेडीएस को 19 सीटें मिली हैं, जबकि अन्य के खाते में चार सीटें गई हैं।
कर्नाटक के लोगों ने नफरत की राजनीति को खारिज कर दिया
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को कर्नाटक के लोगों को “नफरत की राजनीति को खारिज करने और प्यार की राजनीति को स्वीकार करने” के लिए बधाई दी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं कर्नाटक के लोगों को नफरत की राजनीति को खारिज करने और प्यार की राजनीति को स्वीकार करने के लिए बधाई देना चाहता हूं।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल (CLP) की पहली बैठक कल शाम 5:30 बजे बुलाई गई है। इससे पहले कर्नाटक में नफरत का बाजार बंद हुआ है, मोहब्बत की दुकान खुली है। कर्नाटक की जनता से हमने 5 वादे किए थे, हम इन वादों को पहले दिन पहली कैबिनेट में पूरा करेंगे।
बोम्मई सरकार के 14 मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष हारे
बोम्मई सरकार में 31 में से 25 मंत्री मैदान में थे। सत्ता विरोधी लहर में इनमें से 14 मंत्रियों की नैया डूब गई। गोविंदा करजोला, श्रीरामुलु, वी सोमन्ना, जेसी मधुस्वामी, मुरुगेश निरानी, बीसी पाटिल, डॉ के सुधाकर, एमटीवी नागराज, नारायणगौड़ा, बीसी नागेश, हलप्पा अचार और शंकर मुनेकोप्पा हार गए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह एक बड़ी जीत है। इससे पूरे देश में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। भाजपा हमें ताना मारती थी और कहती थी कि हम ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ बनाएंगे। अब सच्चाई यह है कि यह ‘भाजपा मुक्त दक्षिण भारत’ है।
कांग्रेस के आठ बागी हारे : 2019 में कांग्रेस से बगावत कर भाजपा सरकार बनाने में मदद करने वाले आठ विधायक हार गए हैं। कांग्रेस के 13 व जदएस के तीन विधायकों के इस्तीफे से एचडी कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार गिर गई थी। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य घोषित किया, तो वे भाजपा में शामिल हो गए थे। इनमें से ज्यादातर उपचुनाव में फिर जीते और भाजपा सरकार में मंत्री बने थे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह 2024 की शुरूआत है, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भाजपा की सरकार है। उत्तर प्रदेश में भाजपा है लेकिन अखिलेश अच्छा करेंगे मैं उनके साथ हूं। अगर आप साउथ से शुरूआत करें तो कर्नाटक, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश उसके बाद बंगाल, बिहार, झारखंड फिर महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली इन राज्यों में पहले इनकी सरकार बनने का पीक टाइम रहा लेकिन अब वे(भाजपा) 100 सीटें नहीं पार कर पाएंगे। इसका कारण है कि हर कोई एजेंसी का सामना कर रहा है। जो मुजरिम है उन्हें आप उनके ख़िलाफ एक्शन लें।









