कीव : रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज 10वां दिन है . यूक्रेन में स्थित यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र पर रूसी बलों ने कब्जा कर लिया है . इस घटना के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और दूसरे देशों के नेताओं से फोन पर बात हुई थी. वहीं, नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि रूसी गोलाबारी जिसके कारण यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र में आग लगी, वह ‘पागलपन का प्रमाण’ है. वहीं, तुर्की ने यू्क्रेन और रूस के बीच मध्यस्थता की नयी कोशिश की. इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद (UNSC) ने आपात बैठक की थी. भारत ने आगाह किया कि परमाणु केंद्रों से संबंधित किसी भी दुर्घटना के जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं. साथ ही उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में पैदा हो रहे मानवीय संकट को समझना चाहिए. जहां कई हजार भारतीय नागरिकों खासतौर से छात्रों समेत निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा दांव पर लगी है.
यूक्रेन की मीडिया द कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद सप्ताह में रूस ने यूक्रेन पर 500 से अधिक मिसाइलें दागी हैं. पेंटागन के एक अधिकारी के अनुसार रूस प्रतिदिन लगभग दो दर्जन (सभी प्रकार की मिसाइलें) लॉन्च कर रहा है. वहीं, जंग के बीच यूक्रेन और रूस के वार्ताकारों ने कहा कि युद्ध पर तीसरे दौर की वार्ता जल्द ही होगी. पोलैंड की सीमा के समीप बेलारूस में बृहस्पतिवार को वार्ता में रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार व्लादिमीर मेदिन्स्की ने कहा कि दोनों पक्षों की ‘‘स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है, संघर्ष के राजनीतिक समाधान से संबंधित मुद्दों समेत एक-एक बात लिखी गयी है. उन्होंने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, उनकी ओर से आपसी सहमति बनी है. उन्होंने पुष्टि की कि रूस और यूक्रेन नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षित गलियारे बनाने के अस्थायी समझौते पर पहुंच गए हैं. रूस के वरिष्ठ सांसद लियोनिद स्लुत्स्की ने कहा कि अगली दौर की वार्ता में समझौते हो सकते हैं, जिन्हें रूस और यूक्रेन की संसदों द्वारा अनुमोदित किए जाने की आवश्यकता होगी.
तुर्की ने यू्क्रेन और रूस के बीच मध्यस्थता की नयी कोशिश की
तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा है कि अंकारा अगले हफ्ते देश में एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सम्मेलन के दौरान रूस और यूक्रेन के शीर्ष राजनयिकों के बीच वार्ता कराना चाहता है. ब्रसेल्स में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की एक बैठक में शरीक हुए मेवलुत कावुसोगलु ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 11 से 13 मार्च तक भूमध्यसागरीय तटीय शहर में होने वाले अंतालया डिप्लोमेसी फोरम में अपनी उपस्थिति की सहमति दी है. तुर्की के विदेश मंत्री ने कहा कि लावरोव और यूक्रेन के विदेश मंत्री दमत्रो कुलेबा की बैठक संभव हो सकती है लेकिन यह भी कहा कि वह इस बारे में आश्वस्त नहीं हैं कि यूक्रेन के अधिकारी शरीक हो पाएंगे. तुर्की के दोनों देशों से करीबी संबंध हैं और वह दोनों के साथ अपने संबंध संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है. उसने रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता करने की बार-बार पेशकश की है.
रूस का यूक्रेन पर आरोप
इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर रूस के हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने का अनुरोध किया. दूसरी तरफ रूस ने यूक्रेन के नागरिकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने विभिन्न शहरों में 3,700 से अधिक भारतीय नागरिकों को जबरन बंधक बनाकर रखा है. रूस ने कहा कि उसकी सेना विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. यूक्रेन स्थित जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक में रूसी स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंजिया ने कहा कि यूक्रेन में कट्टरपंथियों और चरमपंथियों को पश्चिमी देशों का संरक्षण हासिल है.
उन्होंने कहा, यूक्रेनी राष्ट्रवादियों द्वारा जबरन बंधक बनाए जा रहे विदेशी नागरिकों की संख्या चौंकाने वाली है. खारकीव में भारत के 3,189 नागरिक, वियतनाम के 2,700 नागरिक, चीन के 202 नागरिक इसमें शामिल हैं. सूमी में 576 भारतीय नागरिक, 101 घाना के नागरिक और 121 चीनी नागरिक शामिल हैं. नेबेंजिया ने कहा कि रूसी सेना विदेशी नागरिकों की शांतिपूर्ण निकासी सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है.
भारत ने परमाणु केंद्रों पर हमलों के खिलाफ आगाह किया
जोपोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर रूस के हमले के बाद भारत ने शुक्रवार को आगाह किया कि परमाणु केंद्रों से संबंधित किसी भी दुर्घटना के जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं. साथ ही उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को यूक्रेन में पैदा हो रहे मानवीय संकट को समझना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, भारत परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च महत्ता देता है क्योंकि परमाणु केंद्रों से जुड़ी किसी भी दुर्घटना के जन स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर असर हो सकते हैं.’’ संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक की थी. तिरुमूर्ति ने कहा कि यह ‘‘खेदजनक’’ है कि सुरक्षा परिषद के इस मामले पर पिछले सप्ताह बुलाई बैठक के बाद से यूक्रेन में हालात बिगड़ गए हैं. उन्होंने हिंसा को तत्काल खत्म करने की आवश्यकता दोहरायी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोहराया है, मतभेदों को सतत संवाद और कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए.
ब्रिटेन ने यूक्रेनी नागरिकों के लिए परिवार वीजा योजना शुरू की
ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने सरकार द्वारा यूक्रेनी नागिरकों के लिए पहले से घोषित परिवार वीजा योजना की शुक्रवार को औपचारिक रूप से शुरुआत कर दी. इस योजना के तहत यूक्रेनी मूल के ब्रिटिश नागरिक और ब्रिटेन में बसे यूक्रेनी नागरिक रूस के साथ संघर्ष से प्रभावित अपने यूक्रेनी रिश्तेदारों को बिना किसी वीजा शुल्क के भुगतान के ब्रिटेन ला सकेंगे.
मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच को यूनएचआरसी प्रस्ताव पर मतदान में भारत ने नहीं लिया हिस्सा
यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और संबंधित अपराधों की जांच के लिए तत्काल एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग गठित करने पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में शुक्रवार को हुए मतदान में भारत ने हिस्सा नहीं लिया. संयुक्त राष्ट्र की 47 सदस्यीय परिषद में ‘रूसी आक्रमण से यूक्रेन में उपजी मानवाधिकारों की स्थिति’ पर एक मसौदा प्रस्ताव पर मतदान हुआ. प्रस्ताव पारित कर दिया गया. प्रस्ताव के पक्ष में 32 मत पड़े जबकि दो वोट (रूस और इरित्रिया) इसके खिलाफ पड़े. वहीं भारत, चीन, पाकिस्तान, सूडान और वेनेजुएला सहित 13 देशों ने इस मतदान में हिस्सा नहीं लिया. प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले देशों में फ्रांस, जर्मनी, जापान, नेपाल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं. प्रस्ताव में यूक्रेन के खिलाफ रूस की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई.









