नई दिल्ली: क्वाड समूह के देशों की बृहस्पतिवार को एक बैठक हुई जिसमें यूक्रेन पर रूस के हमले से पैदा हुई स्थिति और मानवता पर उसके प्रभावों पर भी चर्चा की गई . इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दोनों देशों को वार्ता और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया . डिजिटल माध्यम से हुई इस बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी शामिल हुए.
क्वाड चार देशों का संगठन है. इसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ये चारों देश विश्व की बड़ी आर्थिक शक्तियां हैं. 2007 में, जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इसे क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग या क्वाड का औपचारिक रूप दिया था. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, ‘बैठक में यूक्रेन की स्थिति और इसके मानवता पर प्रभावों पर भी चर्चा की गई.’ बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने दोनों देशों से वार्ता व कूटनीति की ओर लौटने की भारत की अपील दोहराई.
पीएमओ ने कहा कि चारों नेताओं ने दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान, हिंद महासागर क्षेत्र और प्रशांत द्वीपों की स्थिति सहित अन्य प्रासंगिक मुद्दों पर भी चर्चा की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सभी देशों की क्षेत्रीय एकता व अखंडता के सम्मान पर जोर देते हुए इनके महत्व को रेखांकित किया. चारों नेताओं ने सितंबर में वाशिंगटन में हुई क्वाड की बैठक में की गई पहलों की प्रगति की समीक्षा भी की. पीएमओ ने कहा, ‘क्वाड नेताओं ने इस साल जापान में होने वाली शिखर वार्ता में ठोस नतीजे हासिल करने के उद्देश्य के साथ सहयोग तेज करने पर सहमति जताई.’ प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि क्वाड को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के अहम उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए.
बयान के मुताबिक, ‘मोदी ने क्वाड देशों के बीच मानवीयता और आपदा राहत, ऋण संवहनीयता, आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ ऊर्जा, संपर्क और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में ठोस और व्यवहारिक सहयोग का आह्वान किया.’ सभी नेताओं ने लगातार संपर्क में बने रहने और जापान में होने वाली शिखर बैठक के महत्वाकांक्षी एजेंडे की तरफ काम करने पर सहमति जताई. पिछले वर्ष मार्च में बाइडेन ने डिजिटल माध्यम से क्वाड नेताओं की पहली बैठक की मेजबानी की थी और इसके बाद सिंतबर में वाशिंगटन में समूह के नेताओं ने भौतिक रूप से बैठक में हिस्सा लिया था जिसमें शामिल होने के लिये प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका गए थे. क्वाड समूह टीका उत्पादन, सम्पर्क परियोजनाओं, छात्रों की आवाजाही, स्टार्टअप एवं प्रौद्योगिकी गठजोड़ को बढ़ावा देने जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान दे रहा है. क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों ने पिछले महीने मेलबर्न में व्यापक विचार-विमर्श किया था.
क्वाड बैठक ने यूक्रेन संकट पर भारत और अमेरिका के बीच मतभेदों की अटकलों पर विराम लगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत क्वाड के नेता बृहस्पतिवार को नयी मानवीय सहायता और आपदा राहत तंत्र बनाने पर राजी हो गए, जिससे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण यह गठबंधन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भविष्य की मानवीय चुनौतियों से निपटने और संवाद के लिए एक चैनल बना सकेगा. इन नेताओं ने यूक्रेन में बढ़ते संकट से निपटने पर भी चर्चा की. यूक्रेन संकट के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच मतभेद होने की सभी अटकलों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के साथ यूक्रेन-रूस संकट पर संयुक्त बयान जारी किया.
व्हाइट हाउस द्वारा जारी क्वाड नेताओं के संयुक्त बयान में कहा गया है, ‘क्वाड नेताओं ने यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और मानवीय संकट पर चर्चा की और इसके व्यापक असर का आकलन किया.’ बयान के अनुसार, चारों नेता नयी मानवीय सहायता और आपदा राहत तंत्र बनाने पर राजी हो गए, जिससे यूक्रेन में संकट से निपटते हुए क्वाड को हिंद-प्रशांत में भविष्य की मानवीय चुनौतियों से निपटने और संवाद के लिए चैनल मुहैया कराने में मदद मिलेगी.









