नई दिल्ली : यूनियन बजट 2022 को पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का बजट करार दिया है. उन्होंने वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद कहा कि बजट में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. बजट पर पीएम मोदी ने पहली प्रतिक्रिया में कहा कि बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा डिफेंस सेक्टर के लिए भी महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के पब्लिक इन्वेस्टमेंट के साथ छोटे और अन्य उद्योगों के लिए अवसर बनेंगे. उन्होंने कहा कि वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके सहयोगियों को पीपुल फ्रेंडली बजट के लिए बधाई देते हैं.
प्रधानमंत्री ने वित्त वर्ष 2022-23 के बजट को आम जन के अनुकूल और प्रगतिशील करार दिया. उन्होंने कहा कि 100 साल की भयंकर आपदा के बीच यह बजट विकास का नया विश्वास लेकर आया है. उन्होंने कहा, यह बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य जन के लिए अनेक नए अवसर बनाएगा.
बजट रोजगार की नई संभावनाओं से भरा
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू गरीब का कल्याण है ओर इसी को ध्यान में रखते हुए हर गरीब के पास पक्का घर नल से जल की सुविधा, शौचालय, गैस की सुविधा हो, इस पर विशेष ध्यान दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट संपर्क पर भी इसमें उतना ही जोर है. उन्होंने कहा, ‘यह बजट अत्यधिक अवसंरचना, अत्यधिक निवेश, अत्यधिक विकास और अत्यधिक रोजगार की नई संभावनाओं से भरा हुआ है. इससे ‘ग्रीन जॉब’ का भी क्षेत्र और खुलेगा.’
बजट में राज्यों के लिए प्रावधान
प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों में गंगा किनारे, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है और यह योजना पहाड़ों पर परिवहन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी.
इससे पहले संसद के बजट सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 पेश किया. वित्त वर्ष 2022-23 का बजट भाषण सबसे छोटा रहा. वित्त मंत्री सीतारमण के बजट भाषण पर उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि यह सबसे प्रभावी साबित हो सकता है. लोक सभा में बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री ने राज्य सभा में भी बजट संबंधी कार्यवाही में भाग लिया.
संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘पीएम गतिशक्ति’ आर्थिक वृद्धि और सतत विकास की दिशा में एक परिवर्तनकारी पद्धति है जो सात इंजनों- सड़क, रेलवे, विमानपत्तन, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक अवसंरचना द्वारा संचालित है.
सीतारमण ने कहा कि ये सातों इंजन एक साथ मिलकर अर्थव्यवस्था को आगे ले जाएंगे. उन्होंने कहा कि इन इंजनों की सहायता करने में ऊर्जा पारेषण, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) संचार, भारी मात्रा में जल एवं जल निकास तथा सामाजिक अवसंरचनाएं अपनी पूरक भूमिका अदा करती हैं. उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि इस पहल को स्वच्छ ऊर्जा और सबका प्रयास, जिसमें केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और निजी क्षेत्रों का संयुक्त प्रयास शामिल है, से शक्ति मिलती है और इसके परिणाम स्वरूप व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन हो सकता है तथा विशेष तौर पर युवाओं के लिए उद्यम के अवसरों का भी सृजन हो सकता है.
वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में आर्थिक परिवर्तन के सात इंजन में निर्बाध, बहुविध संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता शक्ति है. इसमें गतिशक्ति मास्टर प्लान के अनुसार राज्य सरकारों द्वारा तैयार बुनियादी संरचना भी शामिल होगी. उन्होंने कहा कि इसमें नवोन्मेषी तरीकों से वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी के उपयोग और अधिक तेजी से क्रियान्वयन पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा.
सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइप लाइन में इन 7 इंजनों से संबंधित परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति रूपरेखा के साथ जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान की विशेषता विश्वस्तरीय आधुनिक अवसंरचना और लोगों और वस्तुओं दोनों के आवागमन के विभिन्न माध्यमों और परियोजनाओं के स्थानों के बीच लॉजिस्टिक समन्वय करने की होगी. उन्होंने कहा कि इससे उत्पादकता को बढ़ाने, आर्थिक वृद्धि एवं विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि 2022-23 में एक्सप्रेस मार्गों के लिए पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान का प्रतिपादन किया जाएगा ताकि लोगों और वस्तुओं का अधिक तेजी से आवागमन हो सके. उन्होंने कहा कि 2022-23 में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 25,000 किलोमीटर का विस्तार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वित्तपोषण के नवोन्मेषी तरीकों से 20,000 करोड़ रुपए जुटाए जाएंगे ताकि सार्वजनिक संसाधनों को पूरा किया जा सके.
सीतारमण ने कहा कि रेलवे पार्सलों की निर्बाध आवाजाही की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डाक और रेलवे को जोड़ने में अग्रमी भूमिका निभाने के साथ-साथ रेलवे छोटे किसानों तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए नए उत्पाद और कार्यकुशल लॉजिस्टिक सेवाएं विकसित करेगा.









