बेरूत : दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के एक समूह पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया. उनके वाहनों में तोड़फोड़ की और उनके सामान छीन लिये गए. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.
यूनान में संयुक्त राष्ट्र के अंतरिम बल ने लेबनान के अधिकारियों से मामले की त्वरित जांच करने और हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. यह जानकारी UNIFIL की प्रेस अधिकारी कनडाइस आर्डिल ने दी. उन्होंने बताया कि घटना मंगलवार रात की है.
वहीं, स्थानीय मीडिया ने अपनी खबर में कहा कि दक्षिणी कस्बे बिंट जबील के लोग आयरलैंड के शांतिरक्षकों से भिड़ गए , क्योंकि वे घरों की तस्वीरें ले रहे थे. खबर में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र बल के साथ लेबनान के सैनिक नहीं थे. संयुक्त राष्ट्र ने इन खबरों से इनकार किया कि शांतिरक्षक घरों की तस्वीरें ले रहे थे.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने न्यूयॉर्क में कहा कि वे नियमित गश्त के लिए लेबनान सशस्त्र बलों के अपने सहयोगियों के पास जा रहे थे. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों की आवाजाही की स्वतंत्रता का सम्मान करने की मांग करता है, जो संयुक्त राष्ट्र और लेबनान की सरकार के बीच बलों के समझौते के तहत अनिवार्य है और जो 2006 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव के तहत भी आता है.
गौरतलब है कि बिंट जबील हिजबुल्ला का गढ़ है और 2006के युद्ध के दौरान इसका अधिकतर हिस्सा तबाह हो गया था. आर्डिल ने कहा कि जो अफवाह फैलाई जा रही है, उससे ठीक विपरीत शांतिरक्षक नियमित गश्त के लिए लेबनान के सैनिकों के पास जा रहे थे. उन्होंने कहा कि UNIFIL हमले की निंदा करता है.
बता दें कि UNIFIL का गठन 1978 के हमले के बाद इजराइली सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए किया गया था. इजराइल और हिजबुल्ला के बीच 2006 में एक माह तक चले युद्ध के बाद मिशन को बढ़ा दिया गया था.









