भोपाल। नीट की पीजी काउंसलिंग जल्द कराने की मांग को लेकर देशभर में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. मध्यप्रदेश में भी जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में काम बंद कर रखा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांग पूरी नहीं होती है तो बुधवार से इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी. इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.
तीसरी लहर का खतरा, हड़ताल पर डॉक्टर्स
गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों को मेडिकल केंपस में प्रदर्शन करने नहीं दिया गया, तो वह गेट के बाहर आकर प्रदर्शन करने लगे. यह सभी जूनियर डॉक्टर पीजी काउंसलिंग कराने को लेकर देशव्यापी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं. एक तरफ देश भर में कोविड की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है. उस पर देश भर में पीजी स्टूडेंट और जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. नीट काउंसलिंग की मांग को लेकर यह सभी आंदोलन कर रहे हैं.
नीट पीजी काउंसलिंग जल्द कराने की मांग
नीट पीजी की काउंसलिंग में हो रही देरी की वजह से पीजी छात्रों की पिछले 6 महीने से कमी हो रही है. जिसकी वजह से मौजूदा जूनियर डॉक्टर्स पर अत्याधिक कार्यभार बढ़ गया है. जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि इससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. साथ ही मरीजों को भी उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है. इसी वजह से पूरे देश और प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स की संस्था हड़ताल पर है .
इमरजेंसी सेवा बंद करने की चेतावनी
मध्यप्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स ने भी रूटीन सर्विसेस (ओपीडी एवं ओटी) बंद कर दी है. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के साथ ही सभी मेडिकल कॉलेजों में सुबह 9. 00 बजे से दोपहर 1. 00 बजे तक ओपीडी में डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया. डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर जल्द विचार नहीं किया जाता, तो बुधवार से इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होंगी.









