भोपाल । नए साल 2022 के एक सप्ताह पहले तक जिन ट्रेनों में अच्छा खासा दबाव रहता था उनमें बर्थ खाली है। इसकी वजह कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को बताया जा रहा है। ओमिक्रान का असर रेल यात्रा पर साफ दिखाई दे रहा है। पर्यटन स्थल खजुराहो के बीच भोपाल से चलने वाली महामाना एक्सप्रेस में 30 दिसंबर लेकर 1 जनवरी 2022 की स्थिति में लगभग 75 फीसद बर्थ खाली हैं। इसी तरह भोपाल से दिल्ली की तरफ जाने वाली सभी ट्रेनों में बर्थ उपलब्ध हैं। कोरोना के नए वैरिएंट की एंट्री के पहले इन ट्रेनों में नए साल के पहले की स्थिति में अच्छा खासा दबाव बढ़ रहा था। भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में हर बार नए वर्ष के एक सप्ताह पूर्व दबाव बढ़ जाता था। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से निजामुद्दीन जाने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस हो या फिर भोपाल से पर्यटन स्थल खजुराहो जाने वाली महामना एक्सप्रेस, सभी में बर्थ को लेकर मारा मारी रहती थी। बीते साल कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के लोग पर्यटन स्थलों पर जश्न नहीं मना सके थे। तब ट्रेनें सीमित थी, उनमें दबाव भी नहीं था। बीते कुछ महीने से कोरोना की स्थिति सामान्य थी। लोगों में नए साल 2022 का जश्न मनाने का भारी उत्साह था, क्योंकि कोरोना के कारण 2021 का भी जश्न नहीं मना पाए थे। हिल स्टेशन पचमढ़ी, खजुराहो समेत टाइगर रिजर्व के आसपास की होटलों में अच्छी खासी बुकिंग हो गई थी। लोग दूसरे शहरों में आने-जाने की योजना बना चुके थे। इसका असर ट्रेनों में नवंबर 2021 में ही दिखने लगा था। इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रान ने लोगों में डर भर गया है। भदभदा निवासी रामकृष्ण जोशी बताते हैं कि नए साल पर उन्होंने मनाली की यात्रा करने की योजना बनाई थी टिकट भी करा लिया था लेकिन कोरोना के नए खतरे को देखते हुए यात्रा टाल दी है। टिकट वापस करा लिया है।ब्रजेश चौहान का कहना है कि वे नए साल पर पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के साथ दिल्ली जाने वाले थे, राजधानी एक्सप्रेस में टिकट बुक करा लिया था लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए यात्रा टाल दी है। कटारा हिल्स के शिवराज दुबे बताते हैं कि वे बच्चों के साथ पचमढ़ी की यात्रा करने वाले थे। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से पिपरिया तक जनशताब्दी से रिजर्वेशन करा चुके थे लेकिन निर्णय बदल दिया है।







