भोपाल. मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग ने प्रदेश के पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। एमपी में होने वाले ये इलेक्शन 20 दिसंबर से 3 जनवरी के बीच दो चरणों में होंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है।
पहले जैसी ही होगी पंचायत चुनाव प्रकिया
शुरूआती जानकारी के मुताबिक, इस साल के पंचायत चुनाव में भी राज्य निर्वाचन आयोग ने सरपंच और पंच की सुविधा का ध्यान रखते हुए नामांकन दाखिल करने की व्यवस्था को ऑफलाइन रखा है। इतना ही नहीं नाम वापसी और चुनाव चिन्ह भी पहले ही तरह पारंपरिक तरीके से होंगे।
इन जिलों के कलेक्टरों ने दिए निर्देश
दरअसल, पंचायत चुनाव के लिए जिले स्तर पर अब मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन, प्रशिक्षण, अधिकारियों की नियुक्ति और बैठकों का दौर जारी है. इस बीच सिवनी जिले के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ राहुल हरिदास फटिंग जिले की सभी जनपद पंचायतों में नियुक्त किए रिटर्निंग अधिकारियों को मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा बालाघाट और बड़वानी जिले के कलेक्टरों ने भी तहसीलदारों और रिटर्निंग अफसरों को मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए है, जबकि भिंड जिले में भी ब्लॉक स्तरीय पंचायतों के प्रशिक्षण का काम शुरू हो गया है.
बता दें कि भौतिक सत्यापन में मतदान केंद्र के लिए बनाए गए भवन, पानी की सुविधा, बिजली, अधिकारियों के लिए पहुंच मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा जिन मतदान केंद्रों पर जो सुविधाएं नहीं है वहां पर उन सुविधाओं को तत्काल लाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं
दो साल से टल रहे पंचायत चुनाव
प्रदेश में पिछले दो साल से टलते आ रहे पंचायत के चुनाव जल्द होने हैं. इसको लेकर तीन दिन पहले एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाई थी कि दो साल से चुनाव क्यों टाले जा रहे हैं. इसकी तारीखों का ऐलान जल्द किया जाए. दलील ये दी गई थी कि विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव हो सकते हैं तो पंचायत के चुनाव में कोरोना वाला एंगल क्यों दिखाया जा रहा है.









