भोपाल।
प्रदेश में सड़कों के रखरखाव के लिए सरकार टोल टैक्स (उपभोक्ता शुल्क) वसूल करेगी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने 12 सड़कों का चयन किया है। यात्री वाहनों को टोल टैक्स से छूट रहेगी। सिर्फ वाणिज्यिक वाहनों से शुल्क लिया जाएगा। प्रति वर्ष एक सितंबर को टैक्स का पुनर्निर्धारण होगा। टोल लगाने के लिए एजेंसी का चयन निविदा के माध्यम से होगा और ठेका अवधि पांच साल की रहेगी।
शिवराज सरकार ने कोरोना संकट की वजह से प्रभावित अर्थव्यवस्था को देखते हुए सभी विभागों को बजट के अतिरिक्त भी वित्तीय संसाधन जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर लोक निर्माण विभाग ने ऐसे मार्गों पर टोल टैक्स लेने का निर्णय किया है, जिन पर वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही अधिक होती है। इ
ससे जो राशि प्राप्त होगी, उसका उपयोग सड़कों के रखरखाव पर किया जाएगा। इससे विभागीय बजट पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। टोल टैक्स से जो राशि प्राप्त होगी उसका उपयोग राज्य राजमार्ग निधि के माध्यम से किया जाएगा। 12 मार्गों पर टोल टैक्स लगाने की अनुमति के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।
इन वाहनों से लिया जाएगा टोल टैक्स
हल्के वाणिज्यिक वाहन, ट्रक और मल्टी एक्सल ट्रक ।
इन वाहनों की मिलेगी छूट
- केंद्र सरकार तथा मध्य प्रदेश सरकार के सभी वाहन
- संसद और विधानसभा के सदस्यों के वाहन
- भारतीय सेना के वाहन
- एम्बुलेंस
- फायर ब्रिगेड
- भारतीय डाक तथा तार विभाग के वाहन
- कृषि उपयोग में आने वाले ट्रैक्टर-ट्राली
- आटो रिक्शा, दुपहिया तथा बैलगाडियां
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार
- बस, कार, जीप सहित यात्री वाहन
इन सड़कों पर लगेगा टोल टैक्स
- भोपाल-बैरसिया-सिरोंज
- सिवनी- कटंगी
- नागदा-धार
- जबलपुर-पाटन-शाहपुरा
- नीमच-मनासा
- शुजालपुर-अकोदिया
- गंजबासौदा-सिरोंज
- बालाघाट-बैहर
- खंडवा-मूंदी
- इंदौर-देपालपुर
- बुढ़ार-अमरकंटक
- आगर-जावरा









