असम में भाजपा की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने पशु संरक्षण बिल 2021 विधानसभा से पारित करवा लिया है। इस कानून के लागू होने के बाद असम में किसी भी मंदिर, मठ व धार्मिक स्थल के पांच किमी के दायरे में गोमांस यानी बीफ की बिक्री नहीं हो सकेगी। यह नहीं, जहां हिंदू और जैन आबादी अधिक है, वहां भी बीफ बेचने की मनाही रहेगी। इस बिल के पारित होने के बाद से जहां भाजपा खुश है, वहां विपक्ष इसे धर्म की राजनीति करार दे रहा है। जब बिल पारित हुआ, तब विधानसभा में भाजपा विधायकों ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए। कानून का उल्लंघन करने पर 3 साल की जेल, पांच लाख जुर्माना या दोनों की सजा प्रावधान है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि यह अच्छे भाव के साथ तैयार किया गया कानून है और विरोधियों को इसमें किसी तरह की राजनीति नहीं करना चाहिए। वहीं विपक्ष चाहता था कि असम पशु संरक्षण विधेयक, 2021 को एक प्रवर समिति को भेजा जाए। सरकार ने इससे इन्कार कर दिया तो विरोध में विपक्षी दलों ने वाकआउट कर दिया। इसी हंगामे के बीच विधायक पारित कर दिया गया।









