जबलपुर।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के सभी स्वीकृत पद भरने की मांग को लेकर शीघ्र ही वरिष्ठ अधिवक्ता नए कानून मंत्री किरेन रिजिजू को एक पत्र भेजेंगे। हाई कोर्ट बार अध्यक्ष अधिवक्ता रमन पटेल ने यह जानकारी दी। उन्हाेंने बताया कि एमपी स्टेट बार कौंसिल के जबलपुर के सदस्यों को इस संबंध में हाई कोर्ट बार की ओर से एक मांग-पत्र सौंपा जाएगा। इसके जरिये कानून मंत्री तक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लंबित मुकदमों की अधिकता की जानकारी पहुंचाने प्रेरित किया जाएगा।
लंबे समय कई पद रिक्त हैं: लंबे समय से हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में जजों के कई पद रिक्त हैं। इस वजह से पदस्थ जजों पर मुकदमों के बोझ का दबाव है। वहीं पक्षकार भी अपने मामलों के शीघ्र निराकृत न होने को लेकर हलकान है। वकीलों की हालत यह है कि वे तारीख पर तारीख के झमेले में उलझे हैं। महज जनहित याचिकाओं को छोड़ दिया जाए, तो शेष तरह के मामलों का त्वरित निराकरण दूर की कौड़ी हो गया है।
वकीलों को जज बनाने के मामलेे में भी देरी: एमपी स्टेट बार कौंसिल के उपाध्यक्ष आरके सिंह सैनी ने बताया कि पिछले दिनों न्यायिक सेवा से नए जज आए। लेकिन बार के बीच से वकीलों को जज बनाने के मामले में विलंब हो रहा है। इस वजह से जिन वकीलों को जज बनने की आशा है, उनकी उम्र बढ़ती जा रही है। उनकी वकालत भी प्रभावित हो रही है। कायदे से एक बार नाम सामने आने के बाद मुहर लगने में अधिक समय नहीं लगना चाहिए। बार में ऐसे कई वकील हैं, जो जज बनने की योग्यता रखते हैं। उनकाे समय रहते न्यायपालिका में स्थान मिलना चाहिए।









