इंदौर |
शहर के शनि मंदिर वर्ष की दूसरी शनिश्चरी अमावस्या पर सज गए। इस मौके पर सुबह से शाम तक दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता मंदिरों में लगेगा। शहर के पश्चिम क्षेत्र के गजासिन शनि धाम उषानगर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां सुबह पंचामृत स्नान, दोपहर को तिल-तेल से अभिषेक और शाम को शनि चालीसा का पाठ होगा। इस अवसर पर मंदिर में विशेष शृंगार भी किया जाएगा।
अषाढी अमावस्या शनिवार को सुबह 6.58 बजे तक रहेगी। अमावस्या सूर्योदय के बाद एक घंटा चार मिनिट रहने से शनिश्चरी अमावस्या का संयोग बनेगा। शनि साधक दादू महाराज ने बताया कि अभी धनु, मकर, कुंभ राशि के जातकों पर शनिदेव की साढ़े साती और मिथुन, तुला राशि वालों को शनि देव की ढैय्या चल रही है। ऐसे सभी जातक जिनको साढ़े साती,ढैय्या से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें शनि अमावस्या को सूर्योदय से पूर्व नित्य कर्म करने पश्चात नजदीक के शनि मंदिर में जाकर पूजा अर्चना कर तिल्ली या सरसो तेल से शनि देव का अभिषेक करना लाभदायक होता है।
साथ ही शनि मंत्र की 11, 21 और 51 माला का जाप करना लाभदायक है। शनि पीढ़ा से राहत के लिए तुला दान करना अर्थात अपने वजन बराबर लोहा, सरसो तेल, काले तिल, उड़द, स्टील बर्तन, तिल्ली, तेल का दान करना चाहिए | इसके अलावा लोहे के पात्र में तेल भरकर अपना चेहरा देखकर और निशक्त को भोजन, वस्त्र का दान करे। मंदिर समिति के अनुसार इस मौके पर शनि प्रसाद पुस्तिका का वितरण भी दिनभर मंदिर में होगा।









