फिलीपींस के दक्षिणी प्रांत में सैन्यकर्मियों को ले जाते समय वायुसेना के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के कारण 42 सैनिकों और तीन आम नागरिकों की मौत हो गई। इस विमान में सवार सैनिकों को इस्लामी आतंकवादियों से लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह देश की वायु सेना के इतिहास में सबसे भीषण हादसा है।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 49 सैनिकों को बचा लिया गया है और वे जख्मी हैं। यह विमान सुलु प्रांत में जोलो हवाई अड्डे के बाहर दोपहर को नारियल के खेत में हादसे का शिकार हुआ। उन्होंने बताया कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने और उसमें आग लगने से पहले कुछ सैनिकों को विमान से कूदते देखा गया। जमीन पर सात लोग विमान की चपेट में आए जिनमें से तीन की मौत हो गई।
सेना ने बताया कि विमान में तीन पायलट और चालक दल के पांच सदस्यों समेत 96 लोग सवार थे। विमान में सवार शेष लोग सैन्य कर्मी थे। सेना ने बताया कि पांच सैनिक लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि जीवित बचे लोगों में पायलट भी शामिल हैं, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे का शिकार हुआ लॉकहीड सी-130 हरक्यूलिस फिलीपीन को सैन्य सहायता के रूप में इस साल सौंपे गए अमेरिकी वायु सेना के दो विमानों में से एक था। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को सुलु या नज़दीकी जोमबोआंगा शहर के अस्पतालों में ले जाया गया और सैन्य बल शेष सैनिकों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं।
सेना ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई जवानों को विमान के जमीन पर पहुंचने से पहले उससे बाहर कूदते देखा गया, जिसके कारण वे दुर्घटना के बाद विस्फोट की चपेट में आने से बच गए।’’ सेना द्वारा जारी की गईं शुरुआती तस्वीरों में मालवाहक विमान का पीछे का हिस्सा दिख रहा है। विमान के अन्य हिस्से या तो जल गए या टुकड़े टुकड़े हो कर आस- पास बिखर गए। दुर्घटनास्थल से धुआं उठता दिखा और बचावकर्मी वहां स्ट्रेचर के साथ आते-जाते दिखे।









