भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ने वाले एकमात्र बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 जून से साउथैंप्टन में होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में रोहित शर्मा और मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी के साथ उतरना चाहिए। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड दौरे को लेकर अभिषेक त्रिपाठी ने वीरेंद्र सहवाग से खास बातचीत की। पेश है मुख्य अंश :
-भारतीय टीम में रोहित शर्मा, शुभमन गिल, केएल राहुल और मयंक अग्रवाल हैं। इंग्लैंड की परिस्थितियों के हिसाब से भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल में किस सलामी बल्लेबाजी जोड़ी के साथ उतरना चाहिए?
-अगर विकेट अच्छा मिलता है, मौसम सही रहता है तो वहां बल्लेबाजी करना थोड़ा मुफीद होता है। कभी-कभी सपाट विकेट भी मिलते हैं जिस पर बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है। मेरे विचार से परिस्थितियों के हिसाब से नई गेंद को सम्मान देना चाहिए। जो खिलाड़ी अभी तक सलामी बल्लेबाजी करते आ रहे हैं उन्हें ही उतारना सही रहेगा। पहले विकल्प रोहित शर्मा को ओपनिंग करनी चाहिए जबकि दूसरे विकल्प के रूप में उनके साथ मयंक अग्रवाल हैं, जिन्होंने दोहरा शतक भी जमाया है। उनके साथ मैदान में उतर सकते हैं। बाकी टीम इंडिया के खिलाड़ियों में यह काबिलियत है कि वह कहीं भी किसी भी टीम को हरा सकते हैं।
-हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज डेवोन कोनवे ने पदार्पण टेस्ट के दौरान लार्ड्स के मैदान में दोहरा शतक जड़ा। इंग्लैंड के गेंदबाजों का अच्छे से सामना किया। क्या उन्होंने यह दिखाया कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में एक बल्लेबाज को क्या करना चाहिए?
-मेरे ख्याल से अगर आप देखें तो न्यूजीलैंड की टीम कोनवे के दोहरे शतक के बावजूद बड़ा स्कोर नहीं बना पाई और 300 के आस-पास का स्कोर रहा। ऐसे में अगर आप धैर्य रखेंगे तो इंग्लैंड की पिचों पर उनके गेंदबाजों का सामना कर सकते हैं। मेरे विचार से वहां सफलता की कुंजी धैर्य ही है। अगर हम अपनी मजबूती के साथ शॉट खेलते हैं और धैर्य रखते हैं तो बड़ा स्कोर कर सकते हैं। भारत के बल्लेबाज जैसे कि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे यह सभी इंग्लैंड में पहले भी खेल चुके हैं। ये वहां दो बार सीरीज खेल चुके हैं। ऐसे में उन्हें वहां के बारे में दूसरी टीम और कंडीशन के बारे में पता होता है। मुझे लगता है कि वहां अच्छा विकेट मिलेगा और ऐसे में वहां बल्लेबाजी करना आसान होगा।
-रिषभ पंत काफी निडर होकर टेस्ट क्रिकेट में खेलते हैं। आप भी टेस्ट क्रिकेट में निडर होकर बल्लेबाजी करते थे। पंत ने पिछले इंग्लैंड दौरे पर शतक भी जमाया था। उनमें कितना बदलाव दिख रहा है?
-मुझे लगता है कि पंत को खुद की सुननी चाहिए। उन्हें ज्यादा किसी की सलाह नहीं सुननी चाहिए। वह हमेशा से टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते आ रहे हैं, इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में भी शतक मारे हैं। इसलिए उन्हें प्राकृतिकशॉट खेलने चाहिए। वह जिस नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं वहां से मैच का पासा पलट सकते हैं। वह एक मैच विनर खिलाड़ी है, बस थोड़ा सा उन्हें शॉट के चयन पर ध्यान देना होगा तो शायद सफल रहेंगे।









