बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पूर्व प्रमुख प्रकाश सिंह ने छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि बीजापुर में हुआ भीषण नक्सली हमला खुफिया तंत्र की असफलता का नतीजा है। देश में पुलिस सुधारों की पुरजोर वकालत करने वाले उत्तर प्रदेश के इस पूर्व डीजीपी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा कि नक्सलियों के खिलाफ आपरेशन के लिए केंद्र से जो पैसा आता है, उसके इस्तेमाल की भी जांच होनी चाहिए। यह पता लगाया जाना चाहिए कि इस धन का इस्तेमाल सही उद्देश्य के हो रहा है या नहीं।
प्रकाश सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले मैं छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों से मिला था और मुझे छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों में नक्सलियों से मुकाबले की इच्छाशक्ति और आपसी सामंजस्य का अभाव दिखा। ऐसे ही कारकों की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं। सिंह ने कहा कि इस हमले से कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिलों की सीमा पर शनिवार को नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षा बलों पर हमला किया जिसमें बड़ी संख्या में जवान शहीद हुए।
वहीं छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि तर्रेम, बीजापुर में एक बड़ी घटना में सुरक्षाकर्मियों के एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने छिपकर आक्रमण किया। जिन जवानों ने अपनी जान गवाई उन्हें हम नमन करते हैं, उनके परिवार के लिए संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। नक्सलियों को भी भारी नुकसान हुआ है।
भूपेश बघेल ने कहा कि लगभग 2000 सैनिकों को एक ऐसे क्षेत्र में कैंप लगाने के लिए भेजा गया था जो नक्सलियों का गढ़ है। यह कैंप नक्सलियों की गतिविधियों को रोक देगा इसलिए वे निराश थे। ऑपरेशन में कोई खुफिया विफलता नहीं थी। हम निश्चित रूप से वहां कैंप लगाएंगे। हमारा ऑपरेशन नहीं रुकेगा। उस क्षेत्र में इस महीने हमारे दो कैंप स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद नक्सलियों की गतिविधियां सीमित हो जाएंगी। आम जनता को हम सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।









