मुंबई । सीबीआई ने बांबे हाईकोर्ट से कहा कि पूर्व वित्त मंत्री व दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ 63 मून्स टेक्नोलॉजीज कंपनी के आरोपों को साबित करने के लिए उसे कोई सुबूत नहीं मिला है। जस्टिस साधना जाधव और जस्टिस एनजे जामदार की खंडपीठ जिग्नेश शाह की कंपनी 63 मून्स (पुराना नाम फाइनेंशियल टेक्नोलॉजीज) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ के सामने सीबीआई के वकील हितेन वेनगावकर ने एजेंसी की तरफ से एक शपथपत्र दाखिल किया। इसमें कंपनी की तरफ से दाखिल की गई शिकायत वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के चीफ विजिलेंस ऑफिसर को भेज दी गई है। 63 मून्स के वकील ने इस मामले को हाई प्रोफाइल साजिश बताते हुए जांच कराए जाने की गुहार लगाई। कोर्ट ने इस मामले में 3 महीने बाद की तारीख तय की है। कंपनी की तरफ से 15 फरवरी, 2019 को सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया कि नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लि. (एनसईएल) का अरबों रुपये का पेमेंट डिफॉल्ट घोटाला सामने आने पर चिदंबरम और अन्य दोनों अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग कर कंपनी को नुकसान पहुंचाया था।
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