बेंगलुरू में मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन कांग्रेस के घेरते ही दोनों मंत्रियों को तत्काल रिहा भी कर दिया गया।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के दबाव में स्थानीय पुलिस ने ये तानाशाही कार्रवाई की। आपको बता दें कि कमलनाथ के मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह इन विधायकों को वापस लाने के लिए बेंगलुरू पहुंचे थें। इस बीच जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बेंगलुरू में सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है। उनका कहना है कि लगभग 9 से 10 विधायकों को वो बीजेपी के चंगुल से बाहर निकालने में सफल हो गए थे, लेकिन तभी पुलिस वहां आ गई और इन्हें जबरन गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने इनके साथ झूमाझटकी भी की और दोनों पक्षों में झड़प भी हुई। जीतू पटवारी का कहना है कि ऐन वक्त पर भाजपा के दबाव में काम कर रही पुलिस ने तानाशाही करते हुए उनके साथ हाथापाई भी की। खास बात ये है कि इन मंत्रियों के साथ विधायक मनोज चैधरी के पिता नारायण चैधरी भी बेंगलुरू पहुंचे थे और उन्हें भी उनके बेटे से मिलने नहीं दिया गया।
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