पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग की गरिमा धूमिल करने का कोई भी प्रयास लोकतंत्र को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति लोकतंत्र का मूल आधार है। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी नई दिल्ली में सुकुमार सेन स्मारक व्याख्यान के आयोजन में शामिल हुए। कार्यकर्म में उन्होंने कहा कि सुकुमार सेन भारत के पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त थेए जिनके नेतृत्व में लोकसभा के पहले दो आम चुनावों का सफल संचालन संपन्न हुआ था। प्रणब मुखर्जी ने चुनाव प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह स्वस्थ लोकतंत्र का आधार है। उन्होंने सफल चुनाव संचालन से लोकतंत्र को मजबूत करने में निर्वाचन आयोग की भूमिका की सराहना की।
40 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर, NCR वालों को PM मोदी की सौगात, UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी दो खास परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। इससे दिल्ली और हरियाणा के अलावा नोएडा वालों को…









